
Report By: Kiran Prakash Singh
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी को फर्जी रसीद बुक मिली। जांच में आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी रसीद के जरिए चंदा वसूली की बात स्वीकार की।
📅 दिनांक: 08 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com
राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा, एसआईटी को मिली फर्जी रसीद बुक
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी की जांच के दौरान विशेष जांच दल (SIT) को एक अहम सफलता मिली है। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी रसीद बुक बरामद की गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ में कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वे फर्जी रसीदों के माध्यम से श्रद्धालुओं से चंदा वसूलते थे। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फर्जी रसीद बुक मिलने का दावा
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने आरोपियों की निशानदेही पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम और लोगो जैसी दिखने वाली फर्जी रसीद बुक बरामद की है। बताया जा रहा है कि ये रसीदें देखने में असली रसीदों जैसी थीं, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से भ्रमित किया जा सकता था। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की सत्यता और उनके इस्तेमाल के तरीके की पड़ताल कर रही हैं।
पूछताछ में कथित स्वीकारोक्ति
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि जब कोई श्रद्धालु दान देने की इच्छा जताता था, तो उसे कथित तौर पर फर्जी रसीद देकर धन लिया जाता था। पुलिस इस कथित स्वीकारोक्ति की पुष्टि अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर कर रही है। मामले में शामिल सभी पहलुओं की जांच जारी है।
ऑनलाइन व्यवस्था के बाद बदला तरीका
जांच में यह भी सामने आया है कि पहले कागजी रसीद प्रणाली लागू होने के दौरान इन कथित फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में जब ऑनलाइन रसीद प्रणाली लागू हुई और दान सीधे अधिकृत बैंक खाते या आधिकारिक काउंटर के माध्यम से दर्ज होने लगा, तब कथित तौर पर इस तरीके का उपयोग बंद कर दिया गया। जांच एजेंसियां इस बदलाव के समय और परिस्थितियों की भी जांच कर रही हैं।
मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मामले के असली दोषियों तक जांच नहीं पहुंच रही और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित जांच समिति निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोनों नेताओं के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।
जांच जारी, कई पहलुओं की हो रही पड़ताल
एसआईटी फिलहाल बरामद दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और कथित फर्जी रसीदों की विस्तृत जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित फर्जीवाड़ा कितने समय तक चला, इसमें कितने लोग शामिल थे और श्रद्धालुओं से कितनी राशि वसूली गई। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
निष्कर्ष
राम मंदिर चढ़ावा मामले में फर्जी रसीद बुक की बरामदगी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि आधिकारिक जांच रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। इस बीच मामला धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक—तीनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।