इंद्रदेव सिंह हत्याकांड: तीन दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना भी

Report By: Kiran Prakash Singh

लखनऊ के चर्चित इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में सीबीआई विशेष अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

📅 दिनांक: 08 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com

इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

लखनऊ के चर्चित इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने विक्रम यादव, पन्ना सिंह और बृजेश यादव को हत्या और साजिश का दोषी मानते हुए प्रत्येक पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला वर्ष 2002 में दिनदहाड़े हुई हत्या से जुड़ा है। फैसले के दौरान अदालत में दिवंगत अधिवक्ता की पत्नी नयनतारा सिंह, उनकी बेटी और नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

 23 साल पुराने मामले में आया फैसला

यह मामला 8 अगस्त 2002 का है, जब लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। लंबे समय तक चली जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

 सीबीआई जांच में सामने आए थे नए तथ्य

हत्या के बाद पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। बाद में इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई। सीबीआई की जांच के दौरान कई नए नाम सामने आए और वर्ष 2004 में चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीन आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत दोषी माना।

 जमीन विवाद बना हत्या की वजह

जांच के अनुसार, पांच बीघा जमीन के विवाद को लेकर इस हत्या की साजिश रची गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि इस षड्यंत्र में बृजेश यादव, पन्ना सिंह और विक्रम यादव की अहम भूमिका थी। अदालत ने माना कि हत्या एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। अभियोजन के अनुसार, घटना के समय बृजेश यादव स्कूटर चला रहा था, जबकि विक्रम यादव ने गोली चलाई थी।

 तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान हो चुकी मौत

मामले में कुल छह आरोपी थे। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान तीन आरोपियों की मृत्यु हो गई, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। शेष तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहा और अंततः अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।

 परिवार के लिए न्याय का अहम पड़ाव

फैसला सुनाए जाने के समय अदालत में नयनतारा सिंह, नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। लगभग 23 वर्ष तक चले इस मामले में आए फैसले को परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अदालत के आदेश के अनुसार दोषियों को निर्धारित जुर्माना भी अदा करना होगा।

निष्कर्ष

इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में सीबीआई विशेष अदालत का यह फैसला एक लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। यह मामला दिखाता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर अदालत अंतिम निर्णय तक पहुंचती है।

Also Read

TET परीक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट, केंद्रों पर सख्ती

रक्षा मंत्रालय की अफसर की मौत, ससुराल पर प्रताड़ना के आरोप

सचिन पायलट अगले हफ्ते पंजाब जाएंगे, राहुल की यात्रा पर मंथन

13 साल इंतजार के बाद तन्वी की मौत, AIIMS ने बताई वजह

2026 में रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलेंगे 18 एकदिवसीय मैच

You Might Also Like

गुजरात में जन्मे न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जीत रावल ने लिया संन्यास, बनाए 10 हजार से ज्यादा रन

उम्र महज नंबर! ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI में सभी खिलाड़ी 30 पार, जानें किसकी कितनी उम्र

‘चार यार’ की रिलीज डेट कंफर्म, 23 अक्टूबर को Prime Video पर आएगी सीरीज

Friday OTT Release: ‘आवारापन 2’ से ‘रिपोर्टिंग लाइव’ तक, OTT पर आईं 8 नई फिल्में-सीरीज

यूथ कांग्रेस की जंतर-मंतर प्रदर्शन याचिका पर सुनवाई टली, सोमवार को होगी सुनवाई

CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस का जनता को खुला पत्र

CJP प्रदर्शन में शामिल होंगे केजरीवाल, परिवार के साथ पहुंचने का ऐलान

CJP प्रदर्शन से पहले ट्रेन-मेट्रो पाबंदियों पर SC में सुनवाई

Select Your City