ममता को पीड़िता से मिलने से रोका? बंगाल में सियासत तेज

Report By: Kiran Prakash Singh

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर रेप-हत्या मामले पर सियासत गरमा गई। टीएमसी ने ममता बनर्जी को रोकने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने सुरक्षा व्यवस्था बताया।

DigitalLiveNews.com | 06-07-2026

बारुईपुर रेप-हत्या मामला: ममता बनर्जी को रोकने के आरोप पर गरमाई सियासत

बारुईपुर की घटना से पूरे बंगाल में आक्रोश

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के कथित रेप और हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। बच्ची का शव एक बोरे में मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद लोगों की भीड़ ने आरोपी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज मामले के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

टीएमसी का आरोप- ममता को परिवार से मिलने से रोका गया

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीड़िता के परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई। पार्टी नेताओं का दावा है कि ममता बनर्जी बारुईपुर जाने की तैयारी में थीं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया।

टीएमसी नेता बैसवानोर चटर्जी ने कहा कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य ममता बनर्जी की आवाजाही रोकना था।

भाजपा का जवाब- सुरक्षा के लिए की गई थी व्यवस्था

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल ममता बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। भाजपा नेता दिलीप घोष ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ममता बनर्जी लगातार सड़कों पर रहती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई थी ताकि कोई उन पर अंडे या अन्य वस्तुएं न फेंक सके।

भाजपा का कहना है कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

घटना के बाद बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार, बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के एक दिन बाद उसका शव बरामद हुआ। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। आरोप है कि भीड़ ने संदिग्ध आरोपी को पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच जारी

बारुईपुर की इस दर्दनाक घटना पर अब राजनीतिक दल आमने-सामने हैं। टीएमसी और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। मामले की जांच के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।


Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026

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