
Report By: Kiran Prakash Singh
पश्चिम बंगाल के बरुईपुर रेप-हत्या केस का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस का दावा- हथियार छीनकर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई हुई।
📅 दिनांक: 08 जुलाई 2026
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बरुईपुर रेप-हत्या केस: पुलिस एनकाउंटर में मारा गया मुख्य आरोपी प्रभास मंडल
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित रेप और हत्या मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के अनुसार, क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्राइम सीन रिक्रिएट के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, 8 जुलाई की रात करीब 12:45 बजे जांच अधिकारी अपनी टीम और आरोपी प्रभास मंडल को लेकर घटना स्थल सूर्यापुर पहुंचे थे। उद्देश्य अपराध स्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिक्रिएशन) करना था। पुलिस का दावा है कि प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और एक राउंड फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घायल आरोपी को तुरंत बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की विभागीय जांच भी कराई जाएगी। इस मामले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी को मौके पर ले जाने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
12 वर्षीय बच्ची की हत्या से मचा था आक्रोश
यह मामला 5 जुलाई को सामने आया था, जब 12 साल की बच्ची का शव बरुईपुर के एक तालाब से बरामद हुआ था। परिजनों के अनुसार बच्ची 4 जुलाई की शाम से लापता थी। आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी।
एसआईटी जांच में मिले अहम डिजिटल सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को कई डिजिटल सबूत मिले। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन घटना वाले दिन शाम 4:30 बजे से रात 11 बजे तक एक ही इलाके में मिली, जो कथित अपराध के समय से मेल खाती है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस का मानना है कि वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है।
जांच जारी, अन्य आरोपियों पर भी नजर
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और सभी डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बरुईपुर रेप-हत्या मामला पश्चिम बंगाल के चर्चित मामलों में शामिल हो गया है। मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब जांच का फोकस अन्य आरोपियों, डिजिटल साक्ष्यों और पूरी साजिश की पड़ताल पर है। पुलिस का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर मामले की जांच जारी रहेगी। वहीं, इस मामले को लेकर जनभावनाएं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगा।