
Report By: Kiran Prakash Singh
संजय दत्त की बेटी त्रिशला दत्त ने बताया कि वह बॉलीवुड में आना चाहती थीं, लेकिन पिता ने उन्हें पैशन के आधार पर करियर चुनने की सलाह दी।
बॉलीवुड में आना चाहती थीं त्रिशला दत्त, संजय दत्त ने दिया खास जवाब
पिता के करीब रहने के लिए करना चाहती थीं एक्टिंग
Trishala Dutt ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वह बचपन में बॉलीवुड में कदम रखना चाहती थीं। हालांकि, इसके पीछे उनकी कोई खास एक्टिंग की चाहत नहीं थी, बल्कि वह अपने पिता के करीब रहना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय उनका मकसद सिर्फ पारिवारिक जुड़ाव था, न कि स्टारडम हासिल करना।
‘इनसाइड थॉट्स आउट लाउड’ में किया खुलासा
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान त्रिशला ने बताया कि उन्होंने कभी गंभीरता से एक्टिंग को करियर के रूप में नहीं सोचा। उन्होंने कहा, “मैं अभिनेत्री इसलिए नहीं बनना चाहती थी क्योंकि मुझे अभिनय से प्यार था, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने पिता के साथ ज्यादा समय बिताना चाहती थी।” यह बयान उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।
संजय दत्त ने दी समझदारी भरी सलाह
जब त्रिशला ने अपने पिता Sanjay Dutt से इस बारे में बात की, तो उनका जवाब बेहद व्यावहारिक और प्रेरणादायक था। संजय दत्त ने उनसे पूछा कि क्या एक्टिंग उनका असली पैशन है। जब त्रिशला ने कहा कि वह सिर्फ उनके करीब रहना चाहती हैं, तो उन्होंने समझाया कि सिर्फ स्टार किड होने से सफलता नहीं मिलती। उन्होंने सलाह दी कि वह अपने असली इंटरेस्ट को पहचानें और उसी दिशा में आगे बढ़ें।
थेरेपिस्ट बनने का चुना अलग रास्ता
त्रिशला दत्त ने आगे चलकर एक्टिंग की बजाय थेरेपिस्ट बनने का रास्ता चुना। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात नहीं होती, और वह लोगों से जुड़कर उनकी मदद करना चाहती हैं। उनका मानना है कि हर इंसान की जिंदगी में उतार-चढ़ाव होते हैं, चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हो या नहीं।
साधारण पिता-बेटी जैसा रिश्ता
त्रिशला ने यह भी कहा कि Sanjay Dutt के साथ उनका रिश्ता बिल्कुल सामान्य पिता-बेटी जैसा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए संजय दत्त कोई बड़े स्टार नहीं, बल्कि एक आम पिता की तरह हैं। उनके साथ समय बिताना उन्हें वही एहसास देता है, जो किसी भी बेटी को अपने पिता के साथ होता है।
त्रिशला दत्त की यह कहानी दिखाती है कि हर स्टार किड का सपना बॉलीवुड नहीं होता, और सही मार्गदर्शन मिलने पर वे अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। संजय दत्त की सलाह ने उन्हें अपनी असली रुचि पहचानने में मदद की, जिससे वह आज एक अलग और सार्थक रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं।