
Report By: Kiran Prakash Singh
चंदौली में ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव ट्रैक पर फेंक बदमाश 7KM तक सफर कर फरार हो गए।
यूपी में चलती ट्रेन में कत्ल, 7KM तक सफर कर फरार हुए बदमाश

कुचमन स्टेशन से ट्रेन छूटते ही शुरू हुआ खौफ
उत्तर प्रदेश के Chandauli जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में रविवार सुबह बदमाशों ने एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर फरार हो गए। वारदात कुचमन और सकलडीहा रेलवे स्टेशन के बीच हुई।
जानकारी के अनुसार, ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन सुबह 6:24 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से प्लेटफॉर्म नंबर 3 से रवाना हुई थी। सुबह 6:36 बजे ट्रेन कुचमन स्टेशन पहुंची और 6:40 बजे वहां से चली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन के आगे बढ़ते ही एक कोच में मंगरू नामक यात्री का दो युवकों से विवाद शुरू हो गया।

कनपटी पर पिस्टल सटाकर मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस बढ़ने के बाद एक युवक ने जेब से पिस्टल निकाली और मंगरू की कनपटी से सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही मंगरू खून से लथपथ होकर सीट के पास गिर पड़ा।
घटना के समय ट्रेन दरियापुर इलाके के समीप पहुंच चुकी थी और लगभग एक किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी। इसके बाद हमलावरों ने कुछ देर तक शव को ट्रेन में ही रखा और फिर चलती ट्रेन से रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
मृतक की पहचान मंगरू (34) पुत्र दूधनाथ निवासी चौधरी मोहल्ला, जिला गाजीपुर के रूप में हुई है। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

7 किलोमीटर तक ट्रेन में रहे बदमाश
हत्या करने के बाद भी बदमाश ट्रेन में सवार रहे। यात्रियों के मुताबिक, आरोपी लगभग 7 किलोमीटर तक उसी ट्रेन में सफर करते रहे। इस दौरान कोच में बैठे यात्री डर और दहशत में रहे लेकिन किसी की हिम्मत विरोध करने की नहीं हुई।
ट्रेन जब सुबह 7:11 बजे सकलडीहा रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची और उसकी रफ्तार धीमी हुई तो दोनों आरोपी पिट्ठू बैग लेकर ट्रेन से उतर गए और फरार हो गए।
इसके बाद यात्रियों ने सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सकलडीहा पुलिस, चंदौली पुलिस, जीआरपी और दिलदारनगर आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। रेलवे ट्रैक किनारे से शव बरामद किया गया।

कई पुलिस टीमें जांच में जुटीं
घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी जीआरपी प्रयागराज प्रशांत वर्मा, सीओ जीआरपी वाराणसी कुंवर प्रभात सिंह, सीओ सकलडीहा कृष्णमुरारी शर्मा और सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ही ट्रेन में सवार हुए थे। मामले की जांच पुरानी रंजिश, आपसी विवाद और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
कुचमन से जमानिया स्टेशन तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

10 साल पहले भी हुई थी ऐसी वारदात
चंदौली में चलती ट्रेन में हत्या की यह पहली घटना नहीं है। करीब 10 साल पहले भी बक्सर पैसेंजर ट्रेन में बदमाशों ने जीआरपी के दो आरक्षियों पर फायरिंग कर दी थी।
14 मई 2016 की रात बक्सर से पीडीडीयू जंक्शन आ रही पैसेंजर ट्रेन में बदमाशों ने आरक्षी अभिषेक और नंदलाल को गोली मार दी थी। इस घटना में आरक्षी अभिषेक की मौत हो गई थी जबकि नंदलाल घायल हो गए थे। बदमाश वारदात के बाद असलहे लेकर फरार हो गए थे।
उस घटना के बाद डीजीपी के आदेश पर ट्रेन में तैनात कांस्टेबलों को पिस्टल और विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। बावजूद इसके, एक बार फिर चलती ट्रेन में हत्या की वारदात ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।