
Report By: Kiran Prakash Singh
बुलंदशहर बार एसोसिएशन में चैंबर विवाद को लेकर दो गुट भिड़ गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अधिवक्ता पिता और उनके साले को गोली मार दी गई।
बुलंदशहर में चैंबर विवाद पर खूनी संघर्ष, अधिवक्ता को मारी गोली
बार एसोसिएशन में कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
उत्तर प्रदेश के Bulandshahr में सोमवार सुबह डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में चैंबर को लेकर बड़ा विवाद हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई और फायरिंग तक पहुंच गई।
आरोप है कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव और उनके साथियों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष जिया-उर्र-रहमान के पिता अधिवक्ता इमामुद्दीन और उनके साले रऊफ पर गोली चला दी। घटना के बाद बार परिसर और आसपास हड़कंप मच गया।
गोली लगने से दोनों घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में हालत को देखते हुए दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
चैंबर अलॉटमेंट को लेकर बढ़ा विवाद
घायल अधिवक्ता इमामुद्दीन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से जिला एवं सत्र न्यायालय में वकालत कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता सलीम अख्तर का एक चैंबर था। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी आयशा बेगम ने चैंबर नंबर-272 एन ब्लॉक के सामने स्थित कलक्ट्रेट परिसर का चैंबर उनके नाम ट्रांसफर कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया था।
इमामुद्दीन के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उक्त चैंबर उनके नाम अलॉट कर दिया था। इसी चैंबर को लेकर विवाद लगातार चल रहा था।
सुबह 6:30 बजे मिली ताला तोड़ने की सूचना
इमामुद्दीन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अपने आठ से दस साथियों के साथ चैंबर का ताला तोड़ रहे हैं।
सूचना मिलने पर वह अपने बेटे के साले रऊफ के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया और गोलियां बरसा दीं।
फायरिंग में इमामुद्दीन और रऊफ दोनों के पैर और जांघ में गोली लगी। अचानक हुई गोलीबारी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
बार परिसर में बढ़ी सुरक्षा, जल्द गिरफ्तारी का दावा
फायरिंग की घटना के बाद जिला न्यायालय परिसर और बार एसोसिएशन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद अधिवक्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। कई वकीलों ने न्यायालय परिसर में हुई फायरिंग को गंभीर सुरक्षा चूक बताया है। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि घायल अधिवक्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष जिया-उर्र-रहमान के पिता हैं।