
Report By: Kiran Prakash Singh
तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK के बीच PM फेस को लेकर तकरार बढ़ी। कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी के समर्थन से इनकार पर मंत्रियों के इस्तीफे की बात कही।
नई दिल्ली | 31 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
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राहुल या विजय? PM फेस को लेकर कांग्रेस और TVK में बढ़ी तकरार
तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के बीच प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता और पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी का ही समर्थन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर TVK राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर समर्थन नहीं करती है, तो कांग्रेस के मंत्री अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
राहुल गांधी के समर्थन पर कांग्रेस का जोर
कन्याकुमारी वेस्ट जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में जॉर्ज रॉबिन्सन के पदभार ग्रहण समारोह में एस. राजेश कुमार ने TVK से प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में केवल राहुल गांधी के नेतृत्व और उम्मीदवारी का समर्थन करेगी। उनके बयान से गठबंधन की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस नेता ने संकेत दिया कि अगर सहयोगी दल इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ नहीं आता है, तो पार्टी के मंत्री सरकार में बने रहने के बजाय इस्तीफा देने का विकल्प चुन सकते हैं।
TVK में विजय को PM उम्मीदवार बनाने की मांग
दूसरी ओर, TVK के नेताओं और समर्थकों के बीच सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग उठ रही है। पार्टी के कई मंत्रियों, विधायकों और सदस्यों की ओर से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है।
तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे पोस्टर भी सामने आने की बात कही गई है, जिनमें विजय को प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में पेश किया गया है।
इसी वजह से कांग्रेस और TVK के बीच भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मंत्रियों के इस्तीफे वाले बयान से बढ़ा दबाव
राजेश कुमार ने कहा कि अगर TVK प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर राहुल गांधी का समर्थन नहीं करती है, तो वह और उनके सहयोगी पी. विश्वनाथन, जो उच्च शिक्षा मंत्री हैं, अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
इस बयान को गठबंधन के भीतर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यदि दोनों दल अपने-अपने रुख पर कायम रहते हैं, तो आने वाले समय में सरकार और गठबंधन की स्थिरता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल TVK की ओर से कांग्रेस नेता के इस बयान पर अंतिम और स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सर्वे में विजय को भी मिला समर्थन
विजय की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता का अंदाजा हालिया इंडिया टुडे-सी वोटर सर्वे के आंकड़ों से भी लगाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों के बीच विजय को 9 प्रतिशत समर्थन के साथ तीसरा स्थान मिला।
हालांकि, प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर अभी लंबा राजनीतिक सफर तय होना बाकी है। राष्ट्रीय स्तर पर किसी नेता की स्वीकार्यता और गठबंधन सहयोगियों का समर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कांग्रेस और TVK के रिश्तों की परीक्षा
तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK के बीच मौजूदा राजनीतिक समीकरण भी काफी महत्वपूर्ण हैं। मई में कांग्रेस के समर्थन से विजय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कांग्रेस को मंत्रिमंडल में भी जगह मिली।
इस घटनाक्रम के बाद DMK की नाराजगी बढ़ी थी। इससे पहले कांग्रेस और DMK ने चुनावी मैदान में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन विजय की राजनीतिक बढ़त के बीच DMK को चुनावी नुकसान उठाना पड़ा और इसके बाद कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का फैसला किया।
अब प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर कांग्रेस और TVK के बीच सामने आया विवाद गठबंधन के लिए नई चुनौती बन सकता है। एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी के नाम पर जोर दे रही है, वहीं TVK के भीतर विजय को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की मांग लगातार चर्चा में है।
आने वाले दिनों में TVK का आधिकारिक रुख इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल राहुल गांधी बनाम विजय की यह बहस तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।
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