सदन में गरजे फडणवीस, सोशल मीडिया आलोचकों पर साधा निशाना

Report By: Kiran Prakash Singh

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना पर उठे सवालों के बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में विपक्ष और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं का जवाब दिया।

📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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मिसिंग लिंक परियोजना पर सदन में गरजे सीएम फडणवीस, विपक्ष और आलोचकों को दिया जवाब

विधानसभा में तीखी बहस के दौरान सीएम का जवाब

महाराष्ट्र विधानसभा में मुंबई और आसपास के शहरों के विकास पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष और सोशल मीडिया पर परियोजना की आलोचना करने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पुणे-मुंबई ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना को लेकर उठे सवालों के बीच उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत आलोचना से प्रभावित नहीं होते, लेकिन महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा पर हमला स्वीकार नहीं करेंगे।


सोशल मीडिया पर आलोचनाओं को लेकर क्या कहा?

सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और आलोचनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परियोजना के बारे में पैसे लेकर गलत बातें लिख रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई महाराष्ट्र का अपमान करेगा, तो सरकार उसका मजबूती से जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति आलोचना से नहीं, बल्कि राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गलत सूचनाओं से है।


मिसिंग लिंक परियोजना पर क्यों उठा विवाद?

हाल ही में करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना पर भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा। इस घटना के बाद विपक्ष ने परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना की मुख्य संरचना सुरक्षित है और जो नुकसान हुआ, वह लगातार भारी वर्षा के कारण पहाड़ से गिरे मलबे की वजह से हुआ।


फडणवीस ने परियोजना का किया बचाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग और परियोजना में लगाए गए इंटीग्रेटेड सेफ्टी सिस्टम ने आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से काम किया। उनके अनुसार, इमरजेंसी सिस्टम सक्रिय होते ही कुछ ही मिनटों में राहत दल और भारी मशीनें मौके पर पहुंच गईं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे पूरा करने का निर्णय लिया और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया।


राजनीतिक बयानबाजी के बीच विकास परियोजनाओं पर फोकस

अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ राजनीतिक बयान बदल सकते हैं, लेकिन विकास परियोजनाएं लंबे समय तक लोगों के काम आती हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राज्य के विकास कार्यों को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।

विपक्ष लगातार परियोजना को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

नोट: इस समाचार में शामिल राजनीतिक टिप्पणियां संबंधित नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। विभिन्न पक्षों के अपने-अपने दावे और दृष्टिकोण हैं।

📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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