मुंबई खदान हादसा: नहाने गए 2 छात्रों की डूबने से मौत

Report By: Kiran Prakash Singh

मुंबई के दहिसर ईस्ट की पानी भरी खदान में नहाने गए दो 19 वर्षीय कॉलेज छात्रों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

digitallivenews.com | 11 जुलाई 2026

मुंबई के दहिसर की खदान में दर्दनाक हादसा, नहाने गए दो कॉलेज छात्रों की डूबने से मौत

 पानी भरी खदान बनी मौत का कारण

मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित केतकीपाड़ा इलाके में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पानी से भरी एक खदान में नहाने गए दो 19 वर्षीय कॉलेज छात्रों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और दोनों युवकों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 मृतकों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान पीयूष गुप्ता (19), निवासी कांदिवली और ओम अंकुश सिंह (19), निवासी अंधेरी के रूप में हुई है। दोनों अपने दो अन्य दोस्तों के साथ खदान पर पहुंचे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों दोस्तों ने कुछ दिन पहले यहां तैरने आने की योजना बनाई थी और समूह में से एक युवक पहले भी इस स्थान पर आ चुका था।

 चेतावनी के बावजूद पहुंचे युवक

स्थानीय प्रशासन और वन क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा इस खदान को खतरनाक क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां जाने और पानी में उतरने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी जारी की गई थी। इसके बावजूद कुछ लोग अलग-अलग रास्तों से यहां पहुंच जाते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

 शराब पीने की आशंका, जांच जारी

कुछ स्थानीय जानकारियों के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि युवक पानी में उतरने से पहले शराब के सेवन की स्थिति में हो सकते थे। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल सभी पहलुओं से जांच जारी है।

 पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके साथ मौजूद दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित जलाशयों, खदानों और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में न उतरें, क्योंकि ऐसे स्थानों पर मामूली लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा मानसून के दौरान जोखिम भरे जलाशयों में जाने के खतरों की गंभीर याद दिलाता है।

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