ईरान की दो टूक: अमेरिका पर भरोसा नहीं, जंग को तैयार

Report By: Kiran Prakash Singh

ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। समझौता टूटा तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देने को तैयार है।

digitallivenews.com | 11 जुलाई 2026

ईरान का अमेरिका को सीधा संदेश: ‘रत्तीभर भरोसा नहीं’, जंग के लिए पूरी तरह तैयार

 गालिबाफ का सख्त संदेश, अमेरिका पर जताया अविश्वास

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को अमेरिका पर “रत्तीभर भी भरोसा नहीं” है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका हालिया समझौते या मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) से पीछे हटता है, तो ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। गालिबाफ ने कहा कि उनका देश किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना करेगा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।

 जेडी वेंस से मुलाकात में कही दो टूक बात

गालिबाफ ने बताया कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कहा था कि ईरान को अमेरिका की नीयत पर भरोसा नहीं है। उनके अनुसार, केवल वही देश अमेरिका से बातचीत कर सकता है जो युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियां कभी नहीं रोकी हैं और यदि अमेरिका किसी भी समझौते का उल्लंघन करता है तो ईरान पूर्ण स्तर की रक्षा के लिए तैयार रहेगा।

 ट्रंप का दावा- ‘सीजफायर अब खत्म’

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है और अमेरिका इसके लिए तैयार है, लेकिन सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान उनकी हत्या की किसी साजिश में शामिल हुआ तो अमेरिका बेहद कठोर सैन्य जवाब देगा।

 कतर की मध्यस्थता से फिर बातचीत की कोशिश

तनाव कम करने के प्रयास भी जारी हैं। कतर के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हैं ताकि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम किया जा सके और अमेरिका-ईरान वार्ता को दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जा सके। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार, यह पहल क्षेत्रीय मध्यस्थों के समन्वय से आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य कूटनीतिक रास्ता खुला रखना और किसी बड़े सैन्य टकराव को रोकना है।

 दुनिया की नजर अगले कदम पर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी ने पूरे मध्य-पूर्व में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वार्ता आगे बढ़ती है या तनाव और बढ़ता है।

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