40 साल बाद मोदी का न्यूजीलैंड दौरा, रिश्तों को मिली नई उड़ान

Report By: Kiran Prakash Singh

भारत और न्यूजीलैंड ने रिश्तों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। रोडमैप 2030, FTA, व्यापार, पर्यटन और सीधी उड़ानों पर बड़ा फैसला।

digitallivenews.com | 11 जुलाई 2026

40 साल बाद नई शुरुआत! पीएम मोदी के दौरे से भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों को मिली नई उड़ान

 भारत-न्यूजीलैंड संबंध बने ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनर’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को आधिकारिक तौर पर ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दे दिया। दोनों देशों ने ‘इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रोडमैप 2030’ को भी मंजूरी दी, जिसके तहत व्यापार, सुरक्षा, कृषि, नवाचार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को नई गति मिलेगी। यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर आधिकारिक दौरे पर पहुंचे। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है। दोनों नेताओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की साझेदारी को लेकर व्यापक चर्चा की। इस यात्रा को भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

 रोडमैप 2030 और व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य

दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए व्यापारिक बाधाओं को कम करने, निवेश बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी। हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द लागू करने पर भी दोनों प्रधानमंत्रियों ने जोर दिया। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के उद्योग, किसान, स्टार्टअप और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।

 सीधी उड़ान, पर्यटन और कृषि सहयोग को बढ़ावा

भारत और न्यूजीलैंड ने सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करने की दिशा में एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही पर्यटन सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया गया। कृषि क्षेत्र में कीवी, सेब, शहद, डेयरी, पशुपालन और बागवानी में संयुक्त परियोजनाओं पर काम होगा। भारत में कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए AEO-MRA व्यवस्था लागू करने पर भी सहमति बनी।

 समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सहयोग पर भी जोर

दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा और नाविकों के कौशल प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की। साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में न्यूजीलैंड ने सहयोग का भरोसा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन को मजबूत करेगी। हालांकि, चीन पर संभावित प्रभाव को लेकर कई विश्लेषक चर्चा कर रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के आधिकारिक संयुक्त बयान में किसी तीसरे देश का उल्लेख नहीं किया गया है।

Disclaimer: “चीन टेंशन में आ जाएगा” जैसी बातें राजनीतिक या मीडिया विश्लेषण का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन भारत और न्यूजीलैंड के आधिकारिक संयुक्त बयान में ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है।

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