
Report By: Kiran Prakash Singh
NEET पेपर लीक मामले में CBI ने मास्टरमाइंड बताए जा रहे पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया। जांच में बड़े नेटवर्क और NTA कनेक्शन के संकेत मिले।
NEET पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर सामने आए पेपर लीक मामले ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया है। अब इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई के मुताबिक यह मामला सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनसे परीक्षा सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कौन है पीवी कुलकर्णी?
सीबीआई जांच में सामने आया कि पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है और लंबे समय तक परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा रहा है। कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री प्रोफेसर रह चुका है और अब रिटायर हो चुका है।
जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया में उसकी पुरानी पहुंच और अनुभव का इस्तेमाल गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए किया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी मनीषा वाघमारे से पूछताछ के बाद सीबीआई कुलकर्णी तक पहुंची। इसके बाद जांच एजेंसी ने उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की।
NTA से जुड़े लोगों पर भी जांच तेज
सीबीआई अब केवल कुलकर्णी तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच एजेंसी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी National Testing Agency से उन करीब 50 लोगों की सूची मांगी है जो प्रश्नपत्र तैयार करने, छपाई और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में शामिल थे।
जांच एजेंसी को शक है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों ने गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाने में मदद की हो सकती है। इसी वजह से आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि अंदरूनी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पेपर लीक नेटवर्क कैसे करता था काम?
जांच में यह बात सामने आई है कि पूरा रैकेट बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोप है कि परीक्षा से पहले ही छात्रों तक सवाल पहुंचाने की कोशिश की जाती थी।
कुलकर्णी केवल केमिस्ट्री विषय का जानकार माना जा रहा है। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बाकी विषयों के प्रश्न किसने उपलब्ध कराए।
सीबीआई का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह था जिसमें अलग-अलग विषयों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसी अब डिजिटल रिकॉर्ड, फोन कॉल डिटेल और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल
NEET पेपर लीक विवाद ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की गोपनीयता सुरक्षित नहीं रही तो मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा टूट सकता है।
इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।
आगे क्या करेगी CBI?
सीबीआई अब इस मामले में जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी का फोकस उन लोगों पर भी है जो पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन प्रक्रिया का हिस्सा थे।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कई और संदिग्धों से पूछताछ हो सकती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क ने पहले भी किसी परीक्षा में गड़बड़ी की थी।
फिलहाल देशभर की नजरें सीबीआई जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में जल्द और बड़े खुलासे हो सकते हैं।