
Report By: Kiran Prakash Singh
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी हत्या की कोशिश हुई तो अमेरिका 1000 मिसाइलों से जवाब देगा। तनाव फिर बढ़ा।
digitallivenews.com | 11 जुलाई 2026
ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: ‘अगर मेरी हत्या हुई तो 1000 मिसाइलें होंगी तैयार’
अमेरिका-ईरान तनाव ने लिया नया मोड़
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरानी सरकार उनकी हत्या करती है या ऐसा करने की कोशिश करती है, तो अमेरिका तत्काल और बेहद विनाशकारी सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
‘1000 मिसाइलें लॉक एंड लोडेड’ का दावा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अमेरिका ने पहले ही आवश्यक सैन्य निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि “1000 मिसाइलें पहले से ही ईरान की ओर निशाना साधे तैयार हैं” और आवश्यकता पड़ने पर हजारों अतिरिक्त मिसाइलें भी तुरंत तैनात की जा सकती हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि उन पर हमला हुआ तो अमेरिका ईरान के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करेगा जिसकी मिसाल दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।
ईरान ने भी दिया सख्त जवाब
दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी अमेरिका को दो टूक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका पर “बिल्कुल भरोसा नहीं” है। उनके अनुसार, यदि अमेरिका किसी समझौते से पीछे हटता है या हमला करता है तो ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। गालिबाफ ने कहा कि केवल वही देश अमेरिका से बातचीत कर सकता है जो युद्ध लड़ने की पूरी क्षमता रखता हो।
सीजफायर पर भी ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि ईरान बातचीत जारी रखना चाहता है और अमेरिका इसके लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है। इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत और सैन्य तनाव दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से मध्य-पूर्व में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान पर
ट्रंप के बयान के बाद पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बयानबाजी यदि इसी तरह जारी रही तो क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल किसी सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्षों के कड़े तेवर संकेत दे रहे हैं कि हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। वैश्विक बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक संबंधों पर भी इस तनाव का असर पड़ सकता है।
Disclaimer: इस खबर में शामिल बयान संबंधित नेताओं के सार्वजनिक दावों और आधिकारिक बयानों पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सभी मामलों में उपलब्ध नहीं है।