SC के फैसले के बाद बोले सौरव दास, ‘हमें लगा विश्वासघात हुआ’

Report By: Kiran Prakash Singh 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि आश्वासन पर बातचीत रुकने से उन्हें विश्वासघात लगा था।

1 सितंबर 2026 | digitallivenews.com

———————————————————————————————————————————————————————————-

SC के फैसले के बाद बोले सौरव दास, ‘हमें लगा विश्वासघात हुआ’

सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार को दिए फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने इसे संगठन और छात्र प्रदर्शनकारियों की ऐतिहासिक जीत बताया। अदालत ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बड़ी राहत देते हुए संबंधित एफआईआर पर आगे की कार्रवाई रोकने का फैसला सुनाया। फैसले के बाद सौरव दास ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत और आंदोलन की पूरी कहानी साझा की।

आश्वासन के बाद बातचीत रुकने का दावा

सौरव दास के मुताबिक, 25 जुलाई को युवाओं की मांगों को लेकर सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से कई मांगें रखी गई थीं। इनमें दर्ज एफआईआर वापस लेने और प्रभावित परिवारों को सहायता देने जैसे मुद्दे प्रमुख थे।

दास ने कहा कि सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि बातचीत आगे जारी रहेगी। हालांकि, उनके अनुसार अगस्त की शुरुआत में सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे बातचीत बंद कर दी।

उन्होंने कहा कि बातचीत अचानक रुकने से उन्हें लगा कि सरकार अपने आश्वासन से पीछे हट सकती है। इसी वजह से CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को मार्च निकालने की घोषणा की थी।

5 सितंबर के मार्च का किया था ऐलान

CJP की ओर से दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च की घोषणा की गई थी। संगठन का कहना था कि छात्रों से जुड़े मामलों और उनकी अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने की बात सामने आई थी।

हालांकि, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई और अदालत के आदेश के बाद CJP ने अपना प्रस्तावित मार्च वापस लेने का फैसला किया।

SC के फैसले को बताया ऐतिहासिक पल

सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में अदालत के फैसले से प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है।

उनके अनुसार, यह फैसला युवाओं की ओर से उठाई गई मांगों और आंदोलन के दौरान सामने आए मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अदालत और मामले में शामिल वकीलों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

दास ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों को लेकर संगठन लगातार अपनी बात रखता रहा और आखिरकार मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

भविष्य की कार्रवाई पर भी स्थिति साफ

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से छात्रों को दिए गए आश्वासनों का भी उल्लेख किया गया। सौरव दास के अनुसार, सरकार ने अदालत को यह संकेत दिया कि यदि कोई संबंधित एफआईआर जानकारी में आने से रह गई है तो उसके संबंध में भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सरकार ने अदालत के सामने अपना रुख स्पष्ट किया है।

हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से कुछ ऐसे लोगों को लेकर अलग चिंता जताई गई जिन पर गंभीर आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड होने की बात कही गई। इस वर्ग से जुड़े मामलों में अलग एफआईआर की प्रक्रिया की बात सामने आई है।

‘देश के Gen Z ने कर दिखाया’

सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को युवाओं की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि यह सब देश के Gen Z की आवाज और आंदोलन के कारण संभव हुआ।

उनके मुताबिक, युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और कानूनी प्रक्रिया के जरिए भी अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को वापस लेने का फैसला किया है।

अब इस मामले में आगे सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों को लागू करने और संबंधित प्रक्रिया पर नजर रहेगी। साथ ही अदालत के निर्देशों के तहत एफआईआर और छात्रों से जुड़े अन्य मामलों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।

सौरव दास के बयान से साफ है कि CJP इस फैसले को केवल कानूनी राहत नहीं, बल्कि युवा आंदोलन की बड़ी सफलता के रूप में देख रही है। वहीं सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों को लागू करने की प्रक्रिया आने वाले समय में इस पूरे विवाद की अगली दिशा तय करेगी।

दिनांक: 1 सितंबर 2026
digitallivenews.com

Also Read

गहरी नींद और तनावमुक्त जीवन के लिए करें ये 3 योगासन

पीएम मोदी संग BJP की हाई लेवल बैठक, नई टीम पर मंथन तेज

“डू यू वाना पार्टनर: महिला सशक्तिकरण पर आधारित नई वेब सीरीज”

“6.7 तीव्रता का भूकंप: इंडोनेशिया के तानिम्बार द्वीप हिल गए, सुनामी का अलर्ट नहीं”

37वें जन्मदिन पर भूमि पेडनेकर ने कुलदेवी के किए दर्शन

You Might Also Like

CJP प्रदर्शन पर नितिन नवीन का हमला, राहुल गांधी को दी चेतावनी

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल पर बीजेपी का हमला, वोट चोरी पर विवाद

जंतर-मंतर मार्च पर CJP का ऐलान, पुलिस को लेकर कही बड़ी बात

5G डेटा खपत में भारत नंबर-1, स्पीड में UAE सबसे आगे

पुलिस कब हिरासत में लेती है, कब करती है गिरफ्तार? जानें नियम

लाठीचार्ज से आंसू गैस तक, पुलिस कब क्या एक्शन ले सकती है?

गुजरात में जन्मे न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जीत रावल ने लिया संन्यास, बनाए 10 हजार से ज्यादा रन

उम्र महज नंबर! ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI में सभी खिलाड़ी 30 पार, जानें किसकी कितनी उम्र

Select Your City