
Report By: Kiran Prakash Singh
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी अधिकांश FIR पर आगे कार्रवाई रोक दी। आदेश के बाद CJP के सौरव दास ने कोर्ट को धन्यवाद दिया और 5 सितंबर का मार्च वापस लिया।
1 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
———————————————————————————————————————————————————————————-
SC के फैसले के बाद सौरव दास ने जोड़े हाथ, CJI ने सराहा
सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण आदेश के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र प्रदर्शन से संबंधित अधिकांश एफआईआर पर आगे जांच और कार्रवाई रोकने का आदेश दिया। आदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट और मामले में पेश सभी वकीलों के प्रति आभार जताया। उन्होंने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च वापस लेने का भी ऐलान किया।
सुप्रीम कोर्ट ने FIR पर रोक का आदेश दिया
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर अहम निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि संबंधित मामलों में आगे की जांच या कार्रवाई नहीं की जाएगी और इन मामलों को बंद माना जाएगा।
यह फैसला आंदोलन में शामिल छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया। कोर्ट ने माना कि बड़ी संख्या में छात्रों ने आंदोलन में अपनी मांगों को लेकर हिस्सा लिया था। आदेश के बाद इन छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर बनी कानूनी स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
सरकार के आश्वासन पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार के रुख की जानकारी अदालत को दी। उन्होंने बताया कि सरकार आंदोलन से जुड़े छात्रों को दिए गए आश्वासनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
इसमें आंदोलन से जुड़े मुकदमों को वापस लेने और भविष्य में ऐसे मामलों को लेकर उचित कदम उठाने जैसे विषय शामिल थे। कोर्ट ने सरकार के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया और संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
एक मामले में जांच जारी रखने की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों को एक ही श्रेणी में नहीं रखा। दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर प्रदर्शन से संबंधित एक एफआईआर में जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई।
अदालत के सामने यह दलील रखी गई थी कि इस मामले में कुछ ऐसे लोगों की भूमिका की जांच आवश्यक है, जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड बताया गया है। इसलिए इस विशेष मामले को बाकी प्रदर्शनकारियों से अलग रखा गया।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सामान्य प्रदर्शन में शामिल छात्रों और गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले संदिग्ध लोगों के मामलों के बीच अंतर बनाए रखना है।
सौरव दास ने कोर्ट को कहा धन्यवाद
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने हाथ जोड़कर चीफ जस्टिस और सभी वकीलों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश और सरकार के आश्वासन के बाद संगठन 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को वापस ले रहा है।
सौरव दास के इस फैसले की चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस घटनाक्रम के साथ ही दिल्ली में प्रस्तावित मार्च को लेकर बनी स्थिति भी साफ हो गई।
मुआवजा नीति बनाने का निर्देश
सुनवाई के दौरान छात्र आंदोलन से जुड़े परिवारों के लिए सहायता के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को संबंधित मामलों के लिए मुआवजा नीति तैयार करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने सरकार को इसके लिए तीन महीने की समयसीमा दी है। नीति तैयार होने के बाद इसे संबंधित राज्य सरकारों और लागू करने वाली एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा सके।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने विशेष संवैधानिक अधिकार अनुच्छेद 142 के तहत आदेश जारी किया। अदालत के इस फैसले से छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल कोर्ट के आदेश, सरकार के आश्वासन और CJP द्वारा मार्च वापस लेने के फैसले के बाद मामले का मौजूदा चरण समाप्त हो गया है। आगे सरकार द्वारा मुआवजा नीति तैयार करने और उसे लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
दिनांक: 1 सितंबर 2026
digitallivenews.com