
Report By: Kiran Prakash Singh
पश्चिम बंगाल में TMC प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत से हड़कंप है। पुलिस जांच कर रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
1 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत से हड़कंप, पुलिस जांच जारी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। 28 वर्षीय बृष्टि बीरभूम जिले के रामपुरहाट क्षेत्र की रहने वाली थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रामपुरहाट में हुई मौत की सूचना
पुलिस के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी का शव रामपुरहाट के कुसुंबा गांव स्थित उनके घर से बरामद किया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
रामपुरहाट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मामले में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी ले सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नौकरी जाने का मामला भी चर्चा में
बृष्टि मुखर्जी के परिवार के करीबी लोगों के हवाले से बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक परेशानी से गुजर रही थीं। रिपोर्ट के अनुसार, वह उन कर्मचारियों में शामिल थीं जिनकी नौकरी नियुक्ति से जुड़े विवाद के बाद चली गई थी।
बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थीं। उनकी नौकरी राज्य में स्कूल नियुक्तियों से जुड़े मामले की न्यायिक प्रक्रिया के बाद प्रभावित हुई थी।
हजारों नियुक्तियां हुई थीं प्रभावित
पश्चिम बंगाल में स्कूल नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्तियों से जुड़े मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द की गई थीं।
बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और शीर्ष अदालत ने भी नियुक्तियों को रद्द करने से जुड़े फैसले को बरकरार रखा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 26 हजार शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, बृष्टि का नाम भी प्रभावित कर्मचारियों की सूची में शामिल था। हालांकि, उनकी मौत और नौकरी जाने के बीच संबंध को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। किसी भी तरह का निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट और जांच से प्राप्त अन्य तथ्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की पुष्टि हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल में स्कूल नियुक्तियों से जुड़े पुराने विवाद को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, बृष्टि मुखर्जी की मौत के मामले में अटकलों के बजाय आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
दिनांक: 1 सितंबर 2026
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