
Report By: Kiran Prakash Singh
मंदिरों का सोना लेने और गोल्ड बॉन्ड योजना की वायरल खबरों को सरकार ने फर्जी बताया। लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई।
DigitalLiveNews.com
दिनांक: 19 मई 2026
मंदिरों के सोने पर अफवाहों से हड़कंप, सरकार ने दी सफाई
सोशल मीडिया पर वायरल दावों को सरकार ने बताया फर्जी
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि केंद्र सरकार देश के मंदिरों में जमा सोने को अपने नियंत्रण में लेने या उसके बदले ‘गोल्ड बॉन्ड’ जारी करने की योजना बना रही है। इस खबर के वायरल होने के बाद लोगों के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया। अब सरकार ने इन सभी दावों को पूरी तरह झूठ और भ्रामक बताते हुए साफ किया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है।
मंदिरों के सोने के मुद्रीकरण की खबरों का खंडन
सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मंदिर ट्रस्टों या धार्मिक संस्थानों के पास मौजूद सोने के Monetisation को लेकर कोई प्रस्ताव न तो तैयार किया गया है और न ही मंजूर किया गया है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह आधारहीन हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने मंदिरों के सोने के भंडार को लेकर किसी भी तरह की नीति बनाने या उसे सरकारी नियंत्रण में लेने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इसलिए लोगों को ऐसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
‘रणनीतिक स्वर्ण भंडार’ वाले दावे भी निकले फर्जी
सोशल मीडिया पर एक और दावा किया जा रहा था कि मंदिरों के शिखरों, दरवाजों और अन्य हिस्सों पर लगी सोने की परतों को भारत के “Strategic Gold Reserves” का हिस्सा माना जाएगा। इस दावे को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी जानकारी है।
सरकार ने कहा कि इस तरह की अफवाहें केवल लोगों में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। किसी भी धार्मिक स्थल की संपत्ति को लेकर कोई नया सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी भ्रामक जानकारियां समाज में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करती हैं।
सरकार ने लोगों से कहा है कि किसी भी नीति, योजना या फैसले से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्रेस रिलीज, सरकारी वेबसाइट या वेरिफाइड प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट या फॉरवर्ड संदेशों को सच मानकर साझा करना गलत हो सकता है।
फेक न्यूज पर सरकार की बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई फर्जी दावे वायरल होने के बाद सरकार लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक और संवेदनशील मुद्दों से जुड़ी अफवाहें तेजी से फैलती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। साइबर सेल और संबंधित एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही भ्रामक सूचनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।