
Report By: Kiran Prakash Singh
सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर ईडी की छापेमारी के बाद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच जारी है।
📅 दिनांक: 08 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com
ईडी की कार्रवाई पर अखिलेश यादव का पलटवार, सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत झांसी और लखनऊ में एक साथ कार्रवाई की। इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार और जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
ईडी की कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “छापा मारना चाहिए… कर्नाटक और महाराष्ट्र में मार रहे हैं, यूपी में भी मारिए। जहां CC का माल है वहां नहीं जाते, बस दिखावटी औपचारिकता निभाते हैं।” इस बयान के जरिए उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है।
ईडी की कार्रवाई किस आधार पर हुई?
ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। आरोप है कि पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने ईसीआईआर (ECIR) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की।
कंपनियों के नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार शुरुआती जांच में यह आशंका सामने आई है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण कंपनियों और कई एलएलपी (LLP) के जरिए इधर-उधर किया गया। ईडी को संदेह है कि इन संस्थाओं का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध धन को वैध दिखाने के लिए किया गया। एजेंसी इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
छापेमारी में क्या मिला?
ईडी ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, बैंकिंग रिकॉर्ड और चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। एजेंसी इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि कथित वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों का पता लगाया जा सके। ईडी के अनुसार, इस पूरे मामले से जुड़ी 23 से अधिक एफआईआर की भी जांच की जा रही है।
सियासी बयानबाजी तेज
ईडी की कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां समाजवादी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष
पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव से जुड़े मामले में ईडी की छापेमारी और उस पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल जांच एजेंसी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले के अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।