महोबा में बारिश से जलभराव, फावड़ा लेकर खुद उतरे ग्रामीण

Report By: Kiran Prakash Singh

महोबा के जैतपुर कस्बे में भारी बारिश से घरों में नालियों का पानी घुस गया। कच्चे मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ा, निकासी के लिए ग्रामीण खुद मैदान में उतरे।

📅 दिनांक: 08 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com

महोबा में बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल, जलभराव से ग्रामीण बेहाल

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील स्थित जैतपुर कस्बे में हुई भारी बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए। कुछ घंटों की बारिश ने पूरे इलाके में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर दी। कई मोहल्लों में नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया और कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी। प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर ग्रामीण फावड़ा लेकर खुद ही पानी निकासी का रास्ता बनाने में जुट गए।

 भारी बारिश के बाद घरों में घुसा गंदा पानी

मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात हुई तेज बारिश के बाद गैंगवापुरा मोहल्ला सबसे अधिक प्रभावित हुआ। यहां दर्जनों परिवारों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया। नालियों का गंदा पानी घरों में घुसने से लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। कई परिवार पूरी रात पानी निकालने में लगे रहे, लेकिन जलभराव कम नहीं हुआ।

 कच्चे मकानों पर मंडराया खतरा

गैंगवापुरा में बड़ी संख्या में लोग कच्चे मकानों में रहते हैं। लगातार पानी भरे रहने से इन मकानों की दीवारें कमजोर हो गई हैं, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से डरे हुए हैं। बारिश जारी रहने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।

 कई मोहल्लों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

जलभराव की समस्या केवल गैंगवापुरा तक सीमित नहीं रही। पठानपुरा, नयापुरा, देवड़ीपुरा और स्टेशन रोड समेत कई इलाकों की गलियां पानी से भर गईं। स्टेशन रोड निवासी हबीब खान ने बताया कि पूरी रात उनके घर के आंगन में नालियों का बदबूदार पानी जमा रहा। लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन ने समय पर नालियों की सफाई नहीं कराई। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले सफाई कराई जाती तो इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती। अब ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

 फावड़ा लेकर खुद निकले ग्रामीण

प्रशासनिक मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। कई लोग फावड़ा और अन्य उपकरण लेकर नालियों की सफाई और पानी की निकासी का रास्ता बनाने में जुट गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा क्योंकि जलभराव से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

निष्कर्ष

महोबा के जैतपुर कस्बे में हुई बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जलभराव, घरों में घुसा गंदा पानी और कच्चे मकानों पर मंडराता खतरा ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द प्रभावी जल निकासी, नालियों की सफाई और प्रभावित परिवारों की सहायता की मांग कर रहे हैं ताकि आगे किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

Also Read

SBI बैंक में 6 दिन की छुट्टी, 23-28 मई तक काम बंद रहेंगे अब!

बिहार चुनाव: दूसरे चरण में 43% उम्मीदवार करोड़पति, 32% पर केस

लखनऊ में ब्राह्मण महासभा का अखिलेश समर्थन होर्डिंग

सेंनुरन मुथुसामी ने भारत दौरे में बनाया शतक, 6 साल बाद साबित किया अपना हुनर

“मीका सिंह की फिल्म बनी भारी भूल”

You Might Also Like

करीना ने सैफ पर लुटाया प्यार, वेकेशन Photos हुईं वायरल

अयोध्या में क्यों बढ़ा स्टार्स का निवेश? जानिए बड़ी वजह

बॉक्स ऑफिस पर सुस्ती, ‘अल्फा’ 1 करोड़ से दूर, Welcome 3 भी धीमी

IShowSpeed से कथित नस्लीय टिप्पणी, FIFA ने शुरू की जांच

गंभीर बोले- ‘गेम अवेयरनेस’ की कमी से हार रही टीम इंडिया

भारत में पहली बार होगा BBL मैच! चेन्नई में हो सकता है आगाज

इंद्रदेव सिंह हत्याकांड: तीन दोषियों को उम्रकैद, जुर्माना भी

कोटा में बड़ा हादसा, खड़ी मिनी बस में डंपर घुसा, 1 की मौत

Select Your City