
Report By: Kiran Prakash Singh
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को अहम रणनीतिक साझेदार बताते हुए नए गठबंधन की बात कही। बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इजरायल संबंधों पर भी चर्चा तेज है।
📅 दिनांक: 10 जुलाई 2026
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भारत का नाम लेकर नेतन्याहू का बड़ा संदेश, नए गठबंधन पर बढ़ा जोर
भारत का जिक्र कर नेतन्याहू ने दिया बड़ा संदेश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का हालिया बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि इजरायल अब केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है, बल्कि दुनिया के अन्य महत्वपूर्ण देशों के साथ भी नए रणनीतिक गठबंधन विकसित कर रहा है। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि इजरायल भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
‘भारत में हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है’
नेतन्याहू ने कहा कि “हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत। वहां 1.4 अरब लोग हैं और हमें वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है।” उन्होंने यह भी कहा कि नए वैश्विक हालात में देशों को अपने रणनीतिक साझेदारों का दायरा बढ़ाना होगा और इजरायल इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह बयान भारत और इजरायल के बीच वर्षों से मजबूत होते रक्षा, तकनीक, कृषि और व्यापारिक संबंधों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिका-इजरायल संबंधों पर क्यों बढ़ी चर्चा?
हाल के दिनों में ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच अलग-अलग रणनीतिक दृष्टिकोण की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते को लेकर नेतन्याहू ने सावधानीपूर्ण रुख अपनाया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल के बीच बड़े रणनीतिक मुद्दों पर अब भी सहमति बनी हुई है, भले ही कुछ मामलों में मतभेद हों।
जेडी वेंस की टिप्पणी का भी दिया जवाब
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें अमेरिका को इजरायल का सबसे बड़ा सहयोगी बताया गया था, नेतन्याहू ने जवाब देते हुए भारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के कई महत्वपूर्ण मित्र देश हैं और भारत उनमें प्रमुख स्थान रखता है। उनके इस बयान को इजरायल की बदलती कूटनीतिक रणनीति और बहुपक्षीय साझेदारी की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।
भारत-इजरायल साझेदारी क्यों मानी जाती है अहम?
भारत और इजरायल के बीच पिछले कई वर्षों में रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नवाचार और उच्च तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने कई बार द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू का भारत का नाम लेकर दिया गया ताजा बयान इसी मजबूत साझेदारी को और आगे बढ़ाने का संकेत देता है। हालांकि यह बयान अमेरिका से दूरी का औपचारिक ऐलान नहीं है, बल्कि इजरायल की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।