
Report By: Kiran Prakash Singh
श्री शारदा इंस्टीट्यूट का बाबा निकला दरिंदा: 30 से अधिक छात्राओं ने लगाए यौन शोषण के आरोप
नई दिल्ली (digitallivenews)।
देश की राजधानी में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट का तथाकथित आध्यात्मिक गुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती एक गंभीर यौन उत्पीड़न कांड में फंस गया है। 30 से अधिक छात्राओं ने बाबा और उसकी तीन महिला सहयोगियों पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और करियर बर्बाद करने के आरोप लगाए हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
पूरा मामला उस समय सामने आया जब:
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28 जुलाई: एक पूर्व छात्रा ने संस्थान को पत्र भेजकर बाबा के खिलाफ छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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1 अगस्त: एक भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन ने ईमेल कर कई छात्राओं की शिकायतें साझा कीं।
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3 अगस्त: संस्थान ने 30+ छात्राओं के साथ वर्चुअल मीटिंग कर मामले की गंभीरता को समझा।
आरोपों की गंभीरता
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बाबा लंबे समय से गरीब व फौजी परिवारों की छात्राओं को टारगेट कर रहा था।
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कई छात्राओं के असली सर्टिफिकेट जब्त कर लिए गए ताकि वे चुप रहें।
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छात्राओं को ऋषिकेश ट्रिप में साथ ले जाकर अश्लील व्यवहार, व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल्स, और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया गया।
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विरोध करने पर परीक्षा में बैठने से रोका गया, और करियर दांव पर लगा दिया गया।
वीआईपी दिखाने के लिए फर्जी तस्वीरें
स्वामी ने मठ में अपनी फर्जी वीआईपी और वीवीआईपी तस्वीरें लगवा रखी थीं। इन तस्वीरों से वह संस्थान और छात्राओं पर अपना रुतबा जमाता था।
पुलिस की कार्रवाई
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32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
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बाबा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
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पुलिस ने उसके मोबाइल, डिजिटल डिवाइसेज़ और CCTV फुटेज जब्त कर लिए हैं।
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फॉरेंसिक टीम डिलीट की गई चैट्स को रिकवर करने की कोशिश में जुटी है।
पहले भी दर्ज हैं केस
यह पहली बार नहीं है जब बाबा पर आरोप लगे हों:
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2006, 2009, 2016: यौन शोषण और धोखाधड़ी के केस।
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2009: डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का मामला।
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2016: वसंत कुंज थाने में छात्रा ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी।
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2025: अब तक तीन नए केस – यौन उत्पीड़न, फर्जी नंबर प्लेट, मठ में धोखाधड़ी।
निष्कर्ष
श्री शारदा इंस्टीट्यूट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एक ढोंगी बाबा की घिनौनी करतूतों ने ना सिर्फ छात्राओं का भरोसा तोड़ा, बल्कि पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि कानून कितना कड़ा रुख अपनाता है और इस तरह के ‘बाबा-माफिया नेटवर्क’ पर लगाम लगती है या नहीं।