
Report By: Kiran Prakash Singh
प्रधानमंत्री के बयान के बाद देशभर में सोने की खरीद में तेजी आई। रिपोर्ट के मुताबिक ब्राइडल ज्वेलरी की बिक्री 20% तक बढ़ गई है।
Date: 14 मई 2026
Website: digitallivenews.com
सोने की बढ़ती खरीद ने बढ़ाई सरकार की टेंशन
मोदी के बयान के बाद बढ़ी हलचल
देश में एक बार फिर सोने की खरीदारी को लेकर बड़ा उछाल देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दो दिनों में सोने की खरीद करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। खासतौर पर ब्राइडल ज्वेलरी की बिक्री में अचानक आई तेजी ने बाजार और सरकार दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया बयान के बाद लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है।
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बड़ा दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग केवल मौजूदा शादी सीजन के लिए ही नहीं बल्कि आने वाले महीनों की शादियों के लिए भी अभी से खरीदारी कर रहे हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ग्राहकों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा देखी गई।
लोगों में बढ़ा अनिश्चितता का डर
विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को भविष्य में आर्थिक अस्थिरता या किसी बड़े सरकारी फैसले की आशंका सता रही है। यही वजह है कि लोग अपनी बचत को सुरक्षित करने के लिए सोने को सबसे भरोसेमंद विकल्प मान रहे हैं। कई लोगों को डर है कि आने वाले समय में बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
नोटबंदी और लॉकडाउन की यादें फिर ताजा
सोशल मीडिया और बाजार चर्चाओं में लोग लगातार नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन का जिक्र कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले भी अचानक लिए गए फैसलों ने आम जनता को परेशान किया था। ऐसे में अब लोग किसी भी संभावित संकट से पहले खुद को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि पैनिक बाइंग जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
शादी सीजन के लिए एडवांस खरीदारी
ज्वेलरी कारोबारियों के मुताबिक ग्राहक केवल जून-अगस्त की शादियों के लिए ही नहीं बल्कि नवंबर-दिसंबर के समारोहों के लिए भी अभी से खरीदारी कर रहे हैं। कई परिवारों का मानना है कि आने वाले समय में सोने के दाम और बढ़ सकते हैं, इसलिए अभी खरीद लेना ज्यादा बेहतर रहेगा। इससे बाजार में मांग अचानक काफी बढ़ गई है।
पहले भी दिख चुकी है ऐसी प्रतिक्रिया
इससे पहले जब प्रधानमंत्री ने संसद में कोरोना जैसी तैयारी रखने की बात कही थी, तब कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें देखने को मिली थीं। लोगों ने बड़ी मात्रा में पेट्रोल और जरूरी सामान खरीदना शुरू कर दिया था। अब एक बार फिर उसी तरह का माहौल बनता दिखाई दे रहा है, जहां लोग संभावित मुश्किलों को देखते हुए पहले से तैयारी कर रहे हैं।
सरकार पर भरोसे को लेकर उठे सवाल
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या लोगों का सरकार पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है। विपक्षी दल भी इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि जनता की यह प्रतिक्रिया बताती है कि लोग भविष्य को लेकर आशंकित हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले खुद को सुरक्षित करना चाहते हैं।
हालांकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बाजार में बढ़ती हलचल ने यह साफ कर दिया है कि देश में आर्थिक और सामाजिक संकेतों को लेकर लोग बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं।