
Report By: Kiran Prakash Singh
महाराष्ट्र सरकार ने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए बड़े ऐलान किए हैं। अखाड़ों को 5 करोड़ और बिजली बिल मुफ्त देने की घोषणा हुई।
Date: 14 मई 2026
Website: digitallivenews.com
सिंहस्थ कुंभ को भव्य बनाने में जुटी महाराष्ट्र सरकार
भव्य सिंहस्थ कुंभ की तैयारी में महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र सरकार आगामी नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारी में जुट गई है। Devendra Fadnavis ने साफ कहा है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सेवा, व्यवस्थापन और सांस्कृतिक गौरव का बड़ा उदाहरण बनेगा। मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं।
हर अखाड़े को मिलेगा 5 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री फडणवीस ने साधु-संतों और अखाड़ों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अखाड़े को 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, ताकि कुंभ मेले में आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा सकें। इसके अलावा छोटे धार्मिक संस्थानों को भी प्रति संस्थान 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
अखाड़ों का बिजली बिल होगा फ्री
सरकार ने अखाड़ों को राहत देते हुए उनके बिजली बिलों का खर्च भी उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों के बिजली बिलों का भुगतान कुंभ मेला प्राधिकरण के माध्यम से किया जाएगा। इससे धार्मिक संस्थाओं पर आर्थिक बोझ कम होगा और व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकेंगी।
जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा मुआवजा
कुंभ मेले की तैयारियों के लिए कई जगहों पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी अखाड़े या संस्था की जमीन सरकारी कार्यों के लिए अधिग्रहित की जाती है, तो उन्हें उचित मुआवजा या वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी धार्मिक संस्था के साथ अन्याय न हो।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde समेत कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे। बैठक में Sunetra Pawar, Chhagan Bhujbal, Girish Mahajan, Dadaji Bhuse और Uday Samant सहित कई मंत्री और अधिकारी शामिल हुए।
साधु-संतों के मार्गदर्शन में होगा आयोजन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दुनिया भर से आने वाले साधु-संतों, महंतों और श्रद्धालुओं की सेवा करना महाराष्ट्र सरकार के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले का आयोजन साधु-संतों के मार्गदर्शन में भव्य और दिव्य रूप में किया जाएगा। साथ ही संतों द्वारा दिए गए सुझावों को व्यवस्थाओं में शामिल करने का भी भरोसा दिलाया गया।
त्र्यंबकेश्वर कॉरिडोर और गोदावरी सफाई पर जोर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुंभ मेले की तैयारियां सिर्फ अगले आयोजन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों को ध्यान में रखकर स्थायी विकास कार्य किए जाएंगे। Trimbakeshwar Temple परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके अलावा नाशिक के पवित्र कुंड, रामकाल पथ, मंदिरों और गुफाओं का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।
सरकार ने गोदावरी नदी को स्वच्छ बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू करने की बात कही है। साथ ही श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि यह सिंहस्थ कुंभ मेला देश और दुनिया में अपनी भव्यता, स्वच्छता और व्यवस्थाओं के लिए एक नई पहचान बनाएगा।