बिहार में सफल एसआईआर, 12 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट शुरू

Report By: Kiran Prakash Singh

🔹 बिहार में एसआईआर हुआ सफल, अब 12 राज्यों में दूसरे फेज की शुरुआत\

चुनाव आयोग ने बिहार में सफल एसआईआर की घोषणा की। अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का दूसरा चरण शुरू होगा।

बिहार(digitallivenews)। चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि बिहार में आयोजित एसआईआर (Systematic Voter Registration) प्रक्रिया बेहद सफल रही। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 7.5 करोड़ मतदाताओं ने सक्रिय रूप से इस प्रक्रिया में भाग लिया और राज्य में जीरो शिकायतें मिलीं।

अब दूसरे फेज में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट को अपडेट करने और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम किया जाएगा।


🔹 मुख्य चुनाव आयुक्त का बयान

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “बीते चरण में बिहार में एसआईआर सफल रहा। नतीजे सभी के सामने हैं।”

  • उन्होंने बताया कि अगले चरण में मतदाता सूची के सुधार के साथ नई नाम जोड़ने का काम होगा।

  • आज रात से 12 बजे से इन राज्यों की मतदाता सूची फ्रीज कर दी जाएगी।


🔹 वोटर लिस्ट फ्रीजिंग और बीएलओ की भूमिका

  • फ्रीज होने के बाद सभी मतदाताओं को बीएलओ (Booth Level Officer) विशिष्ट गणना प्रपत्र देंगे।

  • प्रपत्र में वर्तमान मतदाता सूची के सभी जरूरी विवरण होंगे।

  • बीएलओ तीन बार मतदाता सूची का मिलान करेंगे, ताकि सभी विवरण सही हों।

  • यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में है, तो उन्हें कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • 2002-2004 की एसआईआर मतदाता सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।


🔹 एसआईआर का दूसरा चरण लागू होने वाले 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

  1. पश्चिम बंगाल

  2. छत्तीसगढ़

  3. गोवा

  4. गुजरात

  5. केरल

  6. लक्षद्वीप

  7. मध्य प्रदेश

  8. पुडुचेरी

  9. राजस्थान

  10. तमिलनाडु

  11. उत्तर प्रदेश

  12. अंडमान और निकोबार

नोट: इनमें से 2026 में पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होंगे। 2027 में गोवा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और 2028 में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में चुनाव निर्धारित हैं।


🔹 एसआईआर प्रक्रिया के महत्व

  • एसआईआर से मतदाता सूची का डिजिटलीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

  • गलत नाम, डुप्लीकेट या त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड हटाए जाते हैं।

  • नए मतदाता अपने नाम को स्वयं मिलान कर सकते हैं और सूची में सही जानकारी दर्ज करा सकते हैं।

  • चुनाव आयोग का उद्देश्य सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।


🔹 चुनाव आयोग की भविष्य की तैयारी

  • प्रत्येक राज्य में बीएलओ और चुनाव अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

  • मतदाता सूची की त्रुटियों को सुधारने के लिए 3-चरणीय जाँच प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

  • सभी नए और पुराने मतदाता एसआईआर के तहत अपने नाम की पुष्टि कर सकते हैं।

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