
Report By: Kiran Prakash Singh
मुंबई में राघव चड्ढा के घर के बाहर AAP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने 8 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किया, हालांकि नोटिस के बाद सभी को रिहा कर दिया गया। पार्टी छोड़ने के फैसले के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है।
मुंबई में राघव चड्ढा के घर के बाहर AAP का विरोध: सियासी घमासान तेज
27 अप्रैल 2026 | Digitallivenews.com
1. मुंबई में विरोध प्रदर्शन से मचा हड़कंप
मुंबई के खार इलाके में Raghav Chadha के घर के बाहर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और प्रदर्शन कर माहौल गर्मा दिया।
पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
2. 8 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज
प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस ने 8 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह केस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध रूप से प्रदर्शन करने के आरोप में दर्ज किया गया है।
हालांकि, खार पुलिस स्टेशन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया।
3. ‘गद्दार’ के नारे और बढ़ता गुस्सा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “गद्दार राघव चड्ढा” जैसे नारे लगाए। यह विरोध उनके हालिया राजनीतिक फैसले के खिलाफ था, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
यह घटना दिखाती है कि पार्टी के अंदर चल रहा विवाद अब सड़क पर खुलकर सामने आ गया है।
4. विरोध की वजह क्या है?
राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ते समय आरोप लगाया था कि AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ गई है।
दूसरी तरफ, AAP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कदम राजनीतिक साजिश और अवसरवाद का हिस्सा है।
यही वजह है कि कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
5. हरभजन सिंह समेत अन्य नेताओं के घर भी प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि अन्य जगहों पर भी विरोध देखने को मिला।
पंजाब के जालंधर में क्रिकेटर से नेता बने Harbhajan Singh के घर के बाहर भी AAP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध जताया।
यह दर्शाता है कि यह विरोध अब एक व्यापक राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
निष्कर्ष
मुंबई में हुआ यह प्रदर्शन सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि AAP के अंदरूनी संकट और राजनीतिक टकराव का संकेत है।
एक तरफ पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ गुस्सा है, तो दूसरी तरफ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है या कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती?
आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है।