
Report By: Kiran Prakash Singh
⭐ Apple ने भारत में ‘संचार साथी’ ऐप इंस्टॉल करने के आदेश को ठुकराया
Apple ने भारत में ‘संचार साथी’ ऐप इंस्टॉल करने के आदेश को ठुकराया। कंपनी ने प्राइवेसी और iOS सुरक्षा का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है।
नई दिल्ली (digitallivenews)। एप्पल ने भारत सरकार के उस आदेश को मानने से साफ मना कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि सभी नए स्मार्टफोन में ‘संचार साथी’ नाम का सरकारी एप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए। कंपनी जल्द ही अपनी आपत्ति लिखित रूप में सरकार को भेजेगी।
📱 संचार साथी ऐप—क्या है और क्यों बनाया गया?
केंद्र सरकार ने संचार साथी एप बनाया है ताकि:
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चोरी हुए फोन को ट्रैक किया जा सके
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फोन को ब्लॉक किया जा सके
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फोन का गलत कामों में इस्तेमाल रोका जा सके
सरकार ने Apple, Samsung, Xiaomi जैसी कंपनियों को 90 दिन के भीतर यह ऐप नए और पुराने फोन में डालने का आदेश दिया था।
⚠️ Apple क्यों नाखुश है?
एप्पल का कहना है कि दुनिया के किसी भी देश में वह ऐसा आदेश नहीं मानता। कंपनी को डर है कि इस तरह का एप उसके iOS सिस्टम की सुरक्षा और यूजर्स की प्राइवेसी को खतरे में डाल सकता है।
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iOS सिस्टम बहुत सख्त है और कोई बाहरी ऐप इसमें गहराई तक नहीं घुस सकता
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सरकारी ऐप डालने से हैकर्स को मौका मिल सकता है
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यूजर्स का निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है
एप्पल की प्राइवेसी पॉलिसी के अनुसार, आईफोन यूजर्स से कैमरा, फोटो और फाइल देखने की अनुमति केवल यूजर की सहमति से मांगी जाएगी।
📢 वैकल्पिक ऐप के रूप में प्रयोग
आदेश पर विवाद के बाद दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है।
🌟 Apple—विश्वसनीय सुरक्षा और प्राइवेसी का प्रतीक
एप्पल की यह प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि कंपनी यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को कितना गंभीरता से लेती है। भारत में भी यह सिद्ध कर रहा है कि iPhone की सुरक्षा भरोसेमंद और मजबूत है।