
Report By: Kiran Prakash Singh
राम मंदिर ट्रस्ट CEO इंटरव्यू में खानपान, जनेऊ और चोटी से जुड़े सवालों पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आपत्ति जताई। बोले- सवाल संविधान की मंशा के खिलाफ हैं।
राम मंदिर CEO इंटरव्यू पर अवधेश प्रसाद का बड़ा बयान, सवालों पर जताई आपत्ति
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 12 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चल रहे इंटरव्यू को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इंटरव्यू में उम्मीदवारों से कथित तौर पर उनके खानपान, धार्मिक आस्था, जनेऊ और चोटी रखने जैसे निजी सवाल पूछे जाने की जानकारी सामने आई है। इस पर समाजवादी पार्टी के सांसद और अयोध्या के नेता अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अवधेश प्रसाद ने इन सवालों को देश के संविधान की भावना के विपरीत बताया है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म, पहनावे, खानपान और भाषाओं के लोग रहते हैं। ऐसे में किसी पद के इंटरव्यू में इस तरह के सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं।
अवधेश प्रसाद ने इंटरव्यू के सवालों पर जताई आपत्ति
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए हुए इंटरव्यू को लेकर कहा कि जिस तरह के सवाल पूछे गए हैं, वे उचित नहीं हैं। उनका कहना है कि देश में लोगों के पहनावे, खानपान और रहन-सहन में काफी विविधता है।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान अनेकता में एकता से है। ऐसे में किसी उम्मीदवार की धार्मिक या निजी आदतों के आधार पर उसकी योग्यता का आकलन करना संविधान की मंशा के अनुरूप नहीं है।
जनेऊ, चोटी और खानपान पर सवालों की चर्चा
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू में पूछे गए कथित सवालों को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसमें उम्मीदवारों से पूछा गया कि क्या वे शिखा रखते हैं या जनेऊ पहनते हैं।
इसके अलावा कथित तौर पर उम्मीदवारों से उनके खानपान को लेकर भी सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि वे मांसाहारी भोजन करते हैं या नहीं और क्या वे शराब का सेवन करते हैं।
इन सवालों को लेकर अब बहस शुरू हो गई है कि किसी प्रशासनिक पद के चयन में उम्मीदवार की व्यक्तिगत आदतों और धार्मिक मान्यताओं को किस हद तक आधार बनाया जाना चाहिए।
भगवान राम में आस्था को लेकर भी सवाल
जानकारी के मुताबिक, इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से भगवान राम में उनकी आस्था को लेकर भी सवाल किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा उनसे हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक नियमों से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि क्या वे धार्मिक नियमों के मुताबिक वस्त्र धारण करने में सहज होंगे।
इन कथित सवालों को लेकर अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारत में अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं और सभी को अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।
CEO पद के लिए आए थे 5200 आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 5200 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई है। समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसी पैनल में से एक व्यक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया जाएगा।
12 अगस्त को भी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के इंटरव्यू होने की जानकारी सामने आई है।
चयन प्रक्रिया पर अब उठ रहे सवाल
CEO पद के लिए चल रही चयन प्रक्रिया को लेकर सामने आई जानकारी के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अवधेश प्रसाद ने इसे संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए सवाल उठाया है।
हालांकि, इंटरव्यू में पूछे गए कथित सवालों को लेकर अंतिम रूप से चयन समिति या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। इसलिए इन सवालों और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को उपलब्ध रिपोर्टों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का पद महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी वाला है। ऐसे में चयन प्रक्रिया, उम्मीदवारों की योग्यता और इंटरव्यू में पूछे गए सवालों को लेकर आने वाले दिनों में विवाद और चर्चा दोनों बढ़ सकते हैं।
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 12 अगस्त 2026
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