
Report By: Kiran Prakash Singh
उज्जैन की शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने के बीच अखिलेश यादव ने मुस्लिम समुदाय से धैर्य रखने की अपील की।
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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद के बीच अखिलेश यादव का बयान, कार्रवाई पर उठे सवाल
Digital Live News | 28 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुस्लिम समुदाय से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि अधिकार छीनने वालों को संविधान सजा देगा।
यह मामला सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट से जुड़ा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की नगर निगम की कार्रवाई को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। कोर्ट के आदेश में सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना का उल्लेख है।
1. अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने उज्जैन की कार्रवाई को लेकर कहा कि मुसलमान धैर्य रखें और अधिकार छीनने वालों को संविधान सजा देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में सबसे ज्यादा अवैध इमारतें बीजेपी के पास हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, अखिलेश के आरोप राजनीतिक बयान हैं और इनके समर्थन में उन्होंने इस मौके पर कोई विस्तृत दस्तावेज पेश नहीं किया।
2. मस्जिद के हिस्से को क्यों हटाया जा रहा है?
उज्जैन नगर निगम शहर की महत्वपूर्ण सड़क को सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए चौड़ा कर रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 9 सितंबर के आदेश के अनुसार, संबंधित सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है।
अदालत के रिकॉर्ड में बताया गया कि मस्जिद का कुछ हिस्सा प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है। इसमें प्रार्थना स्थल का एक हिस्सा, मिनार और सामने का क्षेत्र शामिल होने की बात याचिकाकर्ताओं ने कही थी। नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण को बढ़ते यातायात और भविष्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए जरूरी बताया था।
3. हाईकोर्ट ने याचिकाएं क्यों खारिज कीं?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को इस मामले के तथ्यों में मनमानी या भेदभावपूर्ण नहीं माना जा सकता।
अदालत के सामने नगर निगम की ओर से कहा गया था कि उज्जैन में बढ़ते यातायात और सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है। कोर्ट के आदेश में यह भी दर्ज है कि अधिकारियों ने संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया था।
मस्जिद प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक जमीन या रास्ते का विकल्प अपनाने की दलील भी दी गई थी, लेकिन अदालत ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उस विकल्प को स्वीकार नहीं किया।
4. उज्जैन में सोमवार को क्या हुआ?
28 सितंबर को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर मौके पर तनाव और विरोध की स्थिति बनी। रिपोर्टों के अनुसार, मस्जिद कमेटी और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने पहले से मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई का विरोध किया।
सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आईं। NDTV और अन्य रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पथराव की घटनाएं भी हुईं।
वहीं, कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि मस्जिद का प्रभावित हिस्सा समुदाय के लोगों की ओर से खुद हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। घटनाक्रम के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
5. मायावती और दूसरे मुद्दों पर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने इस दौरान शंकराचार्य और मायावती से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शंकराचार्य के साथ कथित व्यवहार को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि इसका राजनीतिक असर होगा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अपराध के तौर-तरीके बदल रहे हैं और तकनीक के जरिए भी अपराध हो रहे हैं। उन्होंने लखनऊ में कथित अवैध कॉल सेंटरों का जिक्र करते हुए साइबर फ्रॉड पर सवाल उठाए।
उज्जैन के मामले में फिलहाल मुख्य विवाद सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक ढांचे के प्रभावित हिस्से और अदालत के आदेश के इर्द-गिर्द है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता मिला है, जबकि इस मुद्दे पर स्थानीय विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
दिनांक: 28 सितंबर 2026
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