
Report By: Kiran Prakash Singh
DUSU चुनाव में NSUI की हार के बाद राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ के साथ बैठक की। छात्रों के मुद्दों और संगठन की रणनीति पर चर्चा हुई।
———————————————————————————————————————————————————————————-
DUSU में NSUI की हार के बाद राहुल गांधी की बैठक, छात्रों के मुद्दों पर चर्चा
Digital Live News | 28 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव 2026 में NSUI के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सोमवार, 28 सितंबर को दिल्ली स्थित 10 जनपथ में हुई इस बैठक में NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ मौजूद रहे। बैठक में चुनाव परिणाम और छात्र राजनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
1. DUSU चुनाव के नतीजों पर हुई चर्चा
19 सितंबर को घोषित DUSU चुनाव परिणाम में ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। NSUI चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी पद हासिल नहीं कर सकी।
रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव परिणाम और NSUI के प्रदर्शन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। चुनाव में संगठन की रणनीति और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की दिशा पर भी बातचीत हुई।
2. राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों पर दिया जोर
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने बैठक में छात्रों के मुद्दों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र समस्याओं को उठाने और विद्यार्थियों के बीच संगठन की मौजूदगी मजबूत करने की बात कही।
बैठक में शिक्षण संस्थानों से जुड़े राजनीतिक और छात्र हित के मुद्दों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बैठक में हुई बातचीत का पूरा आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
3. NSUI को नहीं मिली कोई केंद्रीय सीट
DUSU के चार प्रमुख पदों में इस बार NSUI कोई पद नहीं जीत सकी। अध्यक्ष पद पर NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले, जबकि विजेता यश डबास को 24,576 वोट मिले।
सचिव पद पर रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की, जबकि संयुक्त सचिव पद भी ABVP के खाते में गया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर पूर्व NSUI सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन विजयी रहे। उन्होंने 30,615 वोट हासिल किए।
इस परिणाम के बाद NSUI के प्रदर्शन, उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति को लेकर कांग्रेस के भीतर समीक्षा की चर्चा शुरू हुई।
4. कैंपस के मुद्दे रहे चुनाव में प्रमुख
इस बार DUSU चुनाव में छात्र सुरक्षा, हॉस्टल, पीजी, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक सुविधाएं जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहे। चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 40.46% दर्ज किया गया।
चुनाव परिणाम के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास ने भी छात्र सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात की। उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़े हॉस्टल और पीजी में सुरक्षा ऑडिट की जरूरत बताई।
NSUI के लिए अब चुनौती यह है कि वह विश्वविद्यालयों में छात्रों से जुड़े मुद्दों को किस तरह संगठनात्मक स्तर पर उठाती है और आने वाले समय में अपनी छात्र राजनीति की रणनीति कैसे तैयार करती है।
5. आगे की रणनीति पर निगाह
राहुल गांधी की बैठक ऐसे समय हुई है जब DUSU चुनाव परिणामों के बाद NSUI के संगठन और रणनीति की समीक्षा को लेकर चर्चा चल रही है। बैठक में कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ की मौजूदगी इस समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
हालांकि बैठक के बाद कांग्रेस या NSUI की ओर से किसी बड़े संगठनात्मक बदलाव की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक छात्रों के मुद्दों को विश्वविद्यालय स्तर तक ले जाने और संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
DUSU चुनाव में ABVP ने तीन केंद्रीय पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया। अब NSUI की आगे की रणनीति और छात्रों के बीच संगठन की सक्रियता पर नजर रहेगी।
दिनांक: 28 सितंबर 2026
digitallivenews.com