
Report By: Kiran Prakash Singh
आगरा-फिरोजाबाद में हेलीपैड निर्माण, सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग, आयुष्मान कार्ड और विकास योजनाओं की मंडलायुक्त ने समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
22/05/2026
आगरा-फिरोजाबाद में बनेगा हेलीपैड, विकास कार्यों की समीक्षा तेज
मंडलायुक्त ने की विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा
आगरा मंडल में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर मंडलायुक्त ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में Agra, Firozabad, मथुरा और मैनपुरी जिलों के कामकाज की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान सीएम डैशबोर्ड पर जिलों की रैंकिंग भी सामने रखी गई, जिसमें कई जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विकास योजनाओं में तेजी लाई जाए और जनता से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
आगरा और फिरोजाबाद में बनेगा एक-एक हेलीपैड
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि आगरा और फिरोजाबाद में एक-एक नया हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि आपातकालीन सेवाओं, वीआईपी मूवमेंट और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए यह हेलीपैड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन चयन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में गिरावट पर चिंता
समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल माह की रैंकिंग में आगरा 57वें स्थान पर, मथुरा 29वें, मैनपुरी 34वें और फिरोजाबाद 23वें स्थान पर रहा। रैंकिंग में गिरावट को लेकर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड और योजनाओं की धीमी प्रगति
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की स्थिति पर भी चर्चा हुई। आगरा में 15.4 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 11.22 प्रतिशत, मथुरा में 13.63 प्रतिशत और मैनपुरी में 8.52 प्रतिशत लाभार्थी परिवारों के पास अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाए हैं। वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाने की गति भी धीमी पाई गई। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए अभियान को तेज करने के निर्देश दिए।
विकास परियोजनाओं में लापरवाही पर सख्त चेतावनी
बैठक में लेडी लायल अस्पताल के निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति योजनाओं और यमुना पार क्षेत्र में भूमिगत जलाशय निर्माण की समीक्षा भी की गई। कार्यों की धीमी गति पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी बताया गया कि मंडल में 1.64 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 75 पौधशालाओं में पर्याप्त पौधे उपलब्ध हैं।