
Report By: Kiran Prakash Singh
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधा। अखिलेश यादव के बयान पर सवाल उठाए और ट्रस्ट को बदनाम करने का आरोप लगाया।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद पर VHP अध्यक्ष आलोक कुमार का पलटवार, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद को लेकर सियासत लगातार गरमाई हुई है। इस बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्षी नेताओं के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों को सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
आलोक कुमार ने कहा कि पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाना बनाया गया और अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
ट्रस्ट ने पहले ही शुरू कर दी थी जांच
आलोक कुमार ने कहा कि दिनेंद्र दास से जुड़े मामले की जानकारी ट्रस्ट को पहले ही मिल चुकी थी। उन्होंने बताया कि जानकारी मिलते ही ट्रस्ट ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी थी। बाद में मामला सार्वजनिक हुआ और जांच को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय स्वयं जांच एजेंसियों के सहयोग के लिए आगे आए और विशेष जांच दल (SIT) की प्रक्रिया में भी सहयोग किया।
अखिलेश यादव पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आलोक कुमार ने कहा कि यदि उन्हें इस मामले की जानकारी पहले से थी तो उन्होंने सीधे एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई।
उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर बयान देना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी के पास अपराध से जुड़ी जानकारी है तो उसे संबंधित एजेंसियों को देकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
विपक्ष पर ट्रस्ट को बदनाम करने का आरोप
VHP अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल लगातार राम मंदिर ट्रस्ट की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, पहले अलग-अलग पदाधिकारियों पर व्यक्तिगत आरोप लगाए गए और अब पूरे ट्रस्ट को विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचना चाहिए और जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।
अशोक गहलोत को दी कानूनी सलाह
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ट्रस्ट को भंग करने और न्यायिक जांच की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए आलोक कुमार ने कहा कि यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित एक अपील पहले से अदालत में लंबित है और यदि अदालत कोई निर्देश देती है तो VHP उसका सम्मान करेगी।
अफवाह फैलाने वालों से माफी की मांग
आलोक कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से चांदी की ईंट और सोने की रामचरितमानस चोरी होने जैसी अफवाहें फैलाईं। उनका दावा है कि जब वास्तविक स्थिति सामने आ चुकी है, तब ऐसे लोगों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और VHP को विवादों में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
निष्कर्ष
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर VHP और ट्रस्ट से जुड़े लोग इन आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की बात कर रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप और बयान संबंधित नेताओं एवं संगठनों के सार्वजनिक वक्तव्यों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि सक्षम जांच एजेंसियों एवं न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
📅 दिनांक: 7 जुलाई 2026
🌐 रिपोर्ट: Digitallivenews.com