
Report By: Kiran Prakash Singh
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी उनके साथ खड़े सहयोगियों को सोचने पर मजबूर करती है।
आज की तारीख: 20 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव के बयान पर जयंत चौधरी का पलटवार, यूपी की सियासत गरमाई
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी के बीच बयानबाजी ने पश्चिमी यूपी की राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को दिल्ली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के राजनीतिक एवं सामाजिक समीकरणों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कोई अपनी बात रखना चाहता है तो उसे अपनी बात कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी उन सहयोगियों को भी सोचने पर मजबूर करती है, जिन्होंने अतीत में साथ दिया है या अभी भी साथ खड़े हैं।
‘वो अपने सहयोगियों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं’
अखिलेश यादव के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जनता ही सभी को बनाती है और जनता जनार्दन है।
जयंत चौधरी के बयान को अखिलेश यादव के साथ पुराने राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि जयंत ने सीधे तौर पर अखिलेश यादव के नाम पर कोई तीखा व्यक्तिगत हमला करने से परहेज किया।
वहीं, अखिलेश यादव की ओर से की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी पर सवाल पूछे जाने पर जयंत चौधरी ने कहा कि इसका जवाब अखिलेश यादव से ही पूछा जाना चाहिए।
पश्चिमी यूपी पर RLD का खास फोकस
RLD की बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी का मुख्य फोकस पश्चिमी यूपी में संगठन को मजबूत करने पर है।
जयंत चौधरी ने गुर्जर नेताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र में पार्टी की राजनीतिक पकड़ और सामाजिक समीकरणों पर चर्चा की। बैठक में पूर्व सांसद मलूक नागर, सांसद चंदन चौहान समेत RLD के कई प्रमुख गुर्जर नेता मौजूद रहे।
पार्टी की कोशिश पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की है।
अखिलेश यादव की ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी से विवाद
दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए गठबंधन की राजनीति को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि उनके साथ गठबंधन करने के लिए कई लोग आए थे और पार्टी ने उन्हें राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाया, लेकिन बाद में वे साथ छोड़कर चले गए।
अखिलेश यादव के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में RLD और जयंत चौधरी से जोड़कर देखा गया। हालांकि अखिलेश ने अपने बयान में किसी नेता या दल का स्पष्ट नाम नहीं लिया था।
इसके बाद यूपी की सियासत में इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं और जयंत चौधरी से इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई।
NDA की सीटों को लेकर भी अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने हाल ही में बीजेपी के सहयोगी दलों को लेकर भी एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने NDA की सीटों की संख्या का जिक्र करते हुए दावा किया था कि RLD को NDA में 73 सीटें मिलने की संभावना है।
इस पोस्ट को भी राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया। अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद जयंत चौधरी की प्रतिक्रिया ने गठबंधन की राजनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
आगामी चुनाव से पहले गठबंधन की सियासत तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। पश्चिमी यूपी में RLD का प्रभाव लंबे समय से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में जयंत चौधरी का गुर्जर नेताओं के साथ बैठक करना पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वहीं, अखिलेश यादव के बयान और जयंत चौधरी की प्रतिक्रिया ने गठबंधन की राजनीति को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि दोनों नेताओं की ओर से भविष्य के राजनीतिक गठबंधन को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल RLD पश्चिमी यूपी में संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी और राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी रहेगी।
डिजिटल लाइव न्यूज | 20 अगस्त 2026
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