ITR में गलती कितनी बार सुधार सकते हैं? जानिए पूरे नियम

Report By: Kiran Prakash Singh

ITR फाइल करने के बाद हुई गलती को Revised Return के जरिए कई बार सुधारा जा सकता है। जानिए कब तक संशोधन कर सकते हैं और कब पेनाल्टी लग सकती है।

DigitalLiveNews.com | 06-07-2026

ITR फाइल करने के बाद गलती हो गई? जानिए Revised Return के नियम और पेनाल्टी से बचने का तरीका

ITR फाइल करने के बाद भी सुधार का मिलता है मौका

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय कई बार जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण गलतियां हो जाती हैं। कभी गलत ITR फॉर्म चुन लिया जाता है, तो कभी आय, बैंक अकाउंट, टीडीएस या डिडक्शन से जुड़ी जानकारी गलत दर्ज हो जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग करदाताओं को Revised Return दाखिल करने की सुविधा देता है, जिससे पहले से दाखिल रिटर्न में सुधार किया जा सकता है।

Revised Return कितनी बार दाखिल कर सकते हैं?

आयकर नियमों के अनुसार, यदि आपने ITR दाखिल करने के बाद कोई गलती पाई है, तो आप केवल एक बार ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर कई बार Revised Return दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, हर बार दाखिल किया गया नया Revised Return पिछले रिटर्न की जगह ले लेता है और वही अंतिम वैध रिटर्न माना जाता है।

इसलिए हर संशोधन से पहले सभी दस्तावेज और आंकड़ों की अच्छी तरह जांच कर लेना बेहतर होता है, ताकि बार-बार बदलाव की आवश्यकता न पड़े।

क्या Revised Return भरने पर पेनाल्टी लगती है?

सिर्फ Revised Return दाखिल करने के कारण कोई अलग से पेनाल्टी नहीं लगती। यदि आपने समय रहते अपनी गलती सुधार ली और सही जानकारी के साथ संशोधित रिटर्न जमा कर दिया, तो इसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता।

हालांकि, यदि गलती के कारण कम टैक्स जमा हुआ है, आय छिपाई गई है या अन्य कर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो आयकर अधिनियम के अनुसार ब्याज, जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए सही और पूर्ण जानकारी देना हमेशा आवश्यक है।

गलत ITR फॉर्म चुन लिया तो क्या करें?

यदि आपने अपनी आय के अनुसार गलत ITR फॉर्म भर दिया है, तब भी संशोधित रिटर्न के माध्यम से सही फॉर्म का चयन किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते सही फॉर्म के साथ Revised Return दाखिल नहीं किया गया, तो आपका रिटर्न Defective या Invalid घोषित किया जा सकता है।

ऐसी स्थिति में टैक्स रिफंड मिलने में देरी हो सकती है और आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा सकता है।

Revised Return भरने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए Revised Return सामान्यतः 31 मार्च 2027 तक दाखिल किया जा सकता है, बशर्ते उससे पहले संबंधित रिटर्न का असेसमेंट पूरा न हो चुका हो। इसलिए गलती का पता चलते ही जल्द से जल्द संशोधन करना उचित रहता है।

Revised Return दाखिल करने से पहले Form 26AS, Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) में उपलब्ध जानकारी का मिलान जरूर करें। साथ ही बैंक खाते, पैन, आधार, टीडीएस, आय और डिडक्शन से जुड़ी सभी जानकारियों की दोबारा जांच करें। इससे दोबारा गलती होने की संभावना काफी कम हो जाती है और रिटर्न की प्रक्रिया भी सुचारु रहती है।

नोट: आयकर नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। यदि आपके मामले में जटिल टैक्स स्थिति है, तो किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या कर विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।


Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026

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