
Report By: Kiran Prakash Singh
मानसून में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जानिए इनके लक्षण और बचाव के आसान व असरदार उपाय।
DigitalLiveNews.com | 06-07-2026
मानसून में बढ़ जाता है इन 7 बीमारियों का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के आसान उपाय
बारिश राहत भी लाती है और बीमारियों का खतरा भी
मानसून की बारिश गर्मी से राहत जरूर देती है, लेकिन इसके साथ कई संक्रामक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है। बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने, गंदगी बढ़ने और दूषित भोजन एवं पानी के कारण बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां तेजी से फैलती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस मौसम में साफ-सफाई, खान-पान और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं मानसून में सबसे ज्यादा फैलने वाली 7 बीमारियों और उनसे बचाव के आसान उपाय।
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का बढ़ता खतरा
बारिश के मौसम में सबसे बड़ा खतरा मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का होता है।
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और शरीर में तेज दर्द महसूस हो सकता है।
मलेरिया संक्रमित मच्छर के काटने से होता है, जिसमें ठंड लगना, तेज बुखार, पसीना आना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
चिकनगुनिया में तेज बुखार के साथ जोड़ों में गंभीर दर्द हो सकता है, जो कई दिनों तक बना रह सकता है।
बचाव: घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें तथा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियां
मानसून में दूषित पानी और भोजन के कारण टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
टाइफाइड में लगातार बुखार, पेट दर्द और कमजोरी हो सकती है।
हेपेटाइटिस ए में आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, भूख कम लगना और थकान प्रमुख लक्षण हैं।
गैस्ट्रोएंटेराइटिस के कारण दस्त, उल्टी, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
बचाव: केवल साफ या उबला हुआ पानी पिएं, ताजा और अच्छी तरह पका भोजन करें तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
सर्दी-जुकाम और फ्लू भी तेजी से फैलते हैं
मौसम में अचानक बदलाव और नमी बढ़ने के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। इस दौरान सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी और हल्का बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
बचाव: हाथों को नियमित रूप से धोएं, भीगने के बाद जल्द कपड़े बदलें, पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
मानसून में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- साफ और उबला हुआ पानी पिएं।
- ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
- मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- हाथों की नियमित सफाई करें।
- पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- बुखार, दस्त या लगातार कमजोरी होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
समय पर सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
मानसून के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार और साफ वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है।
यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत योग्य डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार और सही सावधानी अपनाकर मानसून का आनंद भी लिया जा सकता है और बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026