
Report By: Kiran Prakash Singh
क्रिकेट मैचों के दौरान एडल्ट श्रेणी के विज्ञापनों पर CTI ने ICC चेयरमैन जय शाह को पत्र लिखा। फैमिली व्यूइंग टाइम में ऐसे विज्ञापनों पर रोक की मांग की गई।
DigitalLiveNews.com | 06-07-2026
क्रिकेट प्रसारण में एडल्ट विज्ञापनों पर विवाद, CTI ने ICC चेयरमैन जय शाह से की रोक लगाने की मांग
ICC चेयरमैन जय शाह को भेजा गया पत्र
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के प्रसारण के दौरान दिखाए जाने वाले एडल्ट श्रेणी के विज्ञापनों पर आपत्ति जताते हुए ICC चेयरमैन जय शाह को पत्र लिखा है। संगठन ने मांग की है कि फैमिली व्यूइंग टाइम में कंडोम, डेटिंग ऐप और अन्य वयस्क श्रेणी के विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
CTI का कहना है कि क्रिकेट भारत में परिवार के साथ देखा जाने वाला सबसे लोकप्रिय खेल है, इसलिए प्रसारण के दौरान विज्ञापनों का चयन भी उसी संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
भारत-इंग्लैंड मैच का दिया गया उदाहरण
अपने पत्र में CTI ने 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर स्थित ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए भारत और इंग्लैंड के दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का उल्लेख किया है। संगठन के अनुसार, मैच के दौरान ओवरों के बीच कंडोम ब्रांड का विज्ञापन प्रसारित किया गया।
CTI का कहना है कि यह मुकाबला बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे भी देख रहे थे, ऐसे में इस तरह के विज्ञापन कई अभिभावकों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं।
बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता
CTI ने अपने पत्र में दावा किया है कि भारत में लगभग 44 करोड़ लोग क्रिकेट देखते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे भी शामिल हैं। संगठन का मानना है कि लाइव मैच के दौरान प्रसारित होने वाले कुछ विज्ञापन बच्चों के मन में ऐसे प्रश्न पैदा कर सकते हैं, जिनका उत्तर देने में कई अभिभावक असहज महसूस करते हैं।
पत्र में CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि मैच देखते समय उनके 13 वर्षीय बेटे ने विज्ञापन को लेकर सवाल पूछे, जिससे उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
CTI ने क्या मांग की है?
संगठन ने ICC से अनुरोध किया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के दौरान प्रसारित होने वाले विज्ञापनों के लिए ऐसी नीति बनाई जाए, जिससे परिवार के साथ मैच देखने वाले दर्शकों की भावनाओं का ध्यान रखा जा सके। CTI ने विशेष रूप से कंडोम, डेटिंग ऐप और अन्य वयस्क श्रेणी के विज्ञापनों को फैमिली व्यूइंग टाइम से बाहर रखने की मांग की है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि भारत में कंडोम और अन्य वैध उत्पादों के विज्ञापन संबंधित कानूनों और विज्ञापन मानकों के अधीन प्रसारित किए जा सकते हैं। फिलहाल ICC की ओर से CTI के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब ICC के जवाब पर टिकी हैं निगाहें
क्रिकेट प्रसारण के दौरान विज्ञापनों की प्रकृति को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। एक ओर कुछ लोग परिवार के साथ देखे जाने वाले कार्यक्रमों में ऐसे विज्ञापनों पर नियंत्रण की मांग करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुरक्षित यौन व्यवहार से जुड़े जागरूकता संदेशों के महत्व पर भी जोर देते हैं।
अब यह देखना होगा कि ICC इस पत्र पर क्या रुख अपनाता है और क्या भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रसारण के विज्ञापन संबंधी दिशा-निर्देशों में कोई बदलाव किया जाता है। फिलहाल CTI की मांग ने क्रिकेट प्रसारण और विज्ञापन नीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026