
Report By: Kiran Prakash Singh
बिधाननगर काउंटिंग सेंटर के बाहर TMC और BJP समर्थकों में झड़प, नारेबाजी के बाद हिंसा भड़की। पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात काबू में किए।
बिधाननगर काउंटिंग सेंटर के बाहर बवाल
मतगणना से पहले बढ़ा तनाव
पश्चिम बंगाल के बिधाननगर में मतगणना से ठीक पहले माहौल अचानक गरमा गया। काउंटिंग सेंटर के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच पहले नारेबाजी और जवाबी नारेबाजी हुई। धीरे-धीरे यह विवाद बढ़कर हाथापाई और झड़प में बदल गया।
पुलिस का लाठीचार्ज
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस और केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद समर्थकों को तितर-बितर किया गया।
झगड़े की असली वजह
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत कैंप और झंडे लगाने को लेकर हुई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं ने उनके कैंप पर अपने झंडे लगा दिए, जबकि TMC ने केंद्रीय बलों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
CCTV बंद होने से बढ़ा शक
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि काउंटिंग सेंटर का CCTV बंद हो गया था, जिससे तनाव और बढ़ गया। इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे।
सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। काउंटिंग सेंटर के बाहर बैरिकेडिंग की गई और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को अलग कर दिया गया ताकि आगे कोई हिंसा न हो।
चुनाव से पहले ही गरमाया माहौल
मतगणना 4 मई को होनी है, लेकिन उससे पहले ही इस तरह की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर है। चुनाव आयोग पहले ही सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर चुका है।
बिधाननगर की यह घटना दिखाती है कि चुनावी माहौल में छोटी सी बहस भी बड़े टकराव में बदल सकती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
📅 03/05/2026
✍️ digital livenews.com
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।