
Report By: Kiran Prakash Singh
अमरोहा के पतेई खालसा में आवारा कुत्तों ने चारपाई पर सो रहे डेढ़ साल के मासूम को उठाकर 100 मीटर दूर ले जाकर नोच डाला। बच्चा गंभीर घायल है।
चारपाई से उठा ले गए आवारा कुत्ते, डेढ़ साल के मासूम पर हमला
17 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से आवारा कुत्तों के आतंक की एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। डिडौली थाना क्षेत्र के पतेई खालसा गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे डेढ़ साल के मासूम गवनीश पर हमला कर दिया। कुत्ते बच्चे को चारपाई से उठाकर करीब 100 मीटर दूर ले गए और वहां उसे बुरी तरह नोच डाला।
हमले में मासूम के शरीर पर करीब 14 गहरे जख्म बताए गए हैं। घटना के बाद परिजन बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया गया। फिलहाल बच्चे का मेरठ के आनंद अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मां के शौचालय जाने के दौरान हुआ हमला
पतेई खालसा निवासी भूकन सैनी की बेटी किरन तीज का त्योहार मनाने अपने मायके आई थीं। वह अपने दोनों बच्चों गोलू और गवनीश के साथ घर पर थीं। रात करीब 11 बजे किरन शौचालय के लिए गईं। इसी दौरान दोनों बच्चे घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे।
बताया गया कि घर का आंगन खुला हुआ था। इसी दौरान आवारा कुत्तों का झुंड घर में घुस आया। कुत्तों ने चारपाई पर सो रहे डेढ़ साल के गवनीश को उठा लिया और उसे घर से करीब 100 मीटर दूर ले गए। वहां कई कुत्तों ने बच्चे पर हमला कर दिया।
मासूम के रोने और चीखने की आवाज से आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई।
बुजुर्ग महिला की सतर्कता से बची मासूम की जान
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली सोमती देवी की नींद खुल गई। उन्होंने घर से बाहर निकलकर देखा तो आवारा कुत्तों का झुंड मासूम पर हमला कर रहा था।
सोमती देवी ने शोर मचाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्तों को वहां से भगाया और मासूम को उनके चंगुल से बाहर निकाला।
इस दौरान बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसके दोनों कान, सिर, माथे, नाक, गर्दन और दोनों हाथों पर चोटें आईं। शरीर पर करीब 14 गहरे जख्म बताए गए हैं।
गंभीर हालत में मेरठ किया गया रेफर
घटना के बाद परिजन घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया।
इसके बाद परिजन बच्चे को मेरठ के आनंद अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल गवनीश का वहीं इलाज चल रहा है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मासूम पर हुए इस हमले के बाद परिवार के लोगों में चिंता और डर का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में किसी और बच्चे के साथ ऐसी घटना हो सकती है।
गांव में दहशत, आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पतेई खालसा गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड अक्सर दिखाई देते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीण हरि लाल त्यागी और आबिद ने प्रशासन से आवारा कुत्तों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों ने नसबंदी और अन्य नियंत्रण उपायों के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
आवारा कुत्तों के आतंक ने बढ़ाई चिंता
अमरोहा की यह घटना एक बार फिर आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर चिंता पैदा करती है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में खुले घरों और गलियों में घूमने वाले कुत्तों के झुंड बच्चों के लिए खतरा बन सकते हैं।
घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दे दी गई है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोगों की मांग है कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।
डेढ़ साल के गवनीश के साथ हुई घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी चिंता मासूम की हालत और उसके जल्द स्वस्थ होने को लेकर है।
17 अगस्त 2026 | digitallivenews.com