
Report By: Kiran Prakash Singh
30 जून 2026: संजय राउत ने राम मंदिर, दानपात्र और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार व बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए पूरा मामला।
Published Date: 30 जून 2026
Website: digitallivenews.com
संजय राउत का बीजेपी पर बड़ा हमला, राम मंदिर और ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राम मंदिर के दानपात्र में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सवाल उठाने वालों को रोका जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। राउत के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है।
राम मंदिर के दानपात्र को लेकर लगाए गंभीर आरोप
संजय राउत ने दावा किया कि राम मंदिर के दानपात्र में कथित भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय इस मुद्दे को उठाने वाले थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक जांच या न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है। भाजपा और संबंधित संस्थाओं की ओर से भी इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
महमूद गजनवी और सोमनाथ मंदिर का दिया उदाहरण
अपने बयान के दौरान राउत ने कहा कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को 17 बार लूटा था, लेकिन बीजेपी ने राम मंदिर को 70 बार लूटा है। यह बयान उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी के रूप में दिया। इतिहासकारों के अनुसार महमूद गजनवी ने भारत पर कई आक्रमण किए थे, जबकि सोमनाथ मंदिर पर उनके प्रमुख आक्रमण का उल्लेख 1025-26 ईस्वी में मिलता है। ऐसे में राउत का यह बयान राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्षी नेताओं के साथ अयोध्या जाने की घोषणा
संजय राउत ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से इस विषय पर चर्चा की है और जल्द ही राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के साथ अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने की योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूरे देश के हैं और किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं।
राम मंदिर आंदोलन में अपनी भूमिका का किया उल्लेख
राउत ने कहा कि वे स्वयं राम मंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन से जुड़े मामलों में वे सीबीआई के आरोपी भी रहे और कई बार लखनऊ की अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि शिवसैनिकों ने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ऑपरेशन सिंदूर पर भी सरकार से मांगे जवाब
राम मंदिर के मुद्दे के अलावा संजय राउत ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले सरकार की ओर से कहा गया था कि इस अभियान में कोई जवान शहीद नहीं हुआ, लेकिन बाद में शहीद जवानों के नाम सामने आए। राउत ने पूछा कि यदि जवान शहीद हुए थे तो इसकी जानकारी पहले सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
संजय राउत के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता सकती है। फिलहाल, राम मंदिर, दानपात्र और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े मुद्दों पर सियासत तेज होती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।
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