
Report By: Kiran Prakash Singh
गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन पर अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे बनाना समाजवादियों ने सिखाया, सियासत हुई तेज
गंगा एक्सप्रेसवे पर सियासी संग्राम: अखिलेश यादव का BJP पर तंज, बोले- एक्सप्रेसवे बनाना हमने सिखाया
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर रहे हैं, उन्हें यह काम समाजवादियों ने सिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आधे-अधूरे एक्सप्रेसवे बनाकर सिर्फ उद्घाटन कर रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे बना सियासी मुद्दा
प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लंबा है और यात्रा समय को काफी कम करता है।
लेकिन इस परियोजना के उद्घाटन के साथ ही क्रेडिट की राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह बहस छिड़ गई है कि राज्य में एक्सप्रेसवे निर्माण की असली शुरुआत किसने की।
अखिलेश यादव का तंज
लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि
“एक्सप्रेसवे बनाना अगर किसी ने सिखाया है, तो वो समाजवादियों ने सिखाया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार सिर्फ फीता काटने की राजनीति कर रही है, जबकि असली विकास कार्य समाजवादी सरकार के दौरान हुए थे।
समाजवादी सरकार के काम का हवाला
अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस थे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार ने ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मॉडल दिया, जिसे आज बीजेपी अपना रही है।
बंगाल चुनाव और महंगाई पर भी हमला
सपा प्रमुख ने सिर्फ एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
- पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी बड़ी जीत दर्ज करेंगी
- महंगाई को लेकर कहा कि “बुरे दिन जाएंगे तभी महंगाई कम होगी”
उनका यह बयान साफ तौर पर केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
EVM और महिला आरक्षण पर बयान
अखिलेश यादव ने चुनावी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों में अभी भी बैलेट पेपर से वोटिंग होती है, और भविष्य में इस दिशा में सोचने की जरूरत है।
महिला आरक्षण पर उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे तो इसे अगले चुनाव में लागू कर सकती है, लेकिन जानबूझकर देरी की जा रही है।
निष्कर्ष
गंगा एक्सप्रेसवे जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहा है, वहीं दूसरी ओर यह सियासी टकराव का केंद्र भी बन गया है। एक तरफ सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे अपने काम का विस्तार बता रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में और भी गर्माता हुआ नजर आ सकता है।