
Report By: Kiran Prakash Singh
सोनिया गांधी ने विदेश नीति और गाजा संकट पर मोदी सरकार के रुख पर सवाल उठाए। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार की नीति की आलोचना की।
Date: 27 June 2026
Website: digitallivenews.com
विदेश नीति पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, सोनिया गांधी के लेख का राहुल गांधी ने किया समर्थन
देश की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए एक संपादकीय के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भारत की पारंपरिक और स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हुई है तथा गाजा और फिलिस्तीन के मानवीय संकट पर सरकार का रुख पर्याप्त स्पष्ट नहीं रहा। वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोनिया गांधी ने विदेश नीति पर उठाए सवाल
सोनिया गांधी ने अपने लेख में गाजा और वेस्ट बैंक में जारी मानवीय संकट का उल्लेख करते हुए भारत की विदेश नीति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान हमेशा एक स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति वाले देश के रूप में रही है और इस परंपरा को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने मानवीय मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सोनिया गांधी ने अपने लेख में यह भी संकेत दिया कि भारत को वैश्विक स्तर पर नैतिक स्पष्टता के साथ अपनी बात रखने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने किया खुलकर समर्थन
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि भारत को अपनी स्वतंत्र विदेश नीति फिर से मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि भारत को मानवीय मूल्यों की रक्षा करते हुए गाजा संकट पर स्पष्ट और संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत ऐसे समय में इजरायल के रणनीतिक दायरे के और करीब जा रहा है, जब दुनिया का एक बड़ा हिस्सा उससे दूरी बना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति का आधार हमेशा संतुलन और मानवीय दृष्टिकोण रहा है।
फिलिस्तीन मुद्दे पर कांग्रेस का रुख
राहुल गांधी ने अपने बयान में फिलिस्तीनी नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद की भावना मानवता और न्याय के पक्ष में खड़े होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने गाजा में बच्चों और आम नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को मानवीय आधार पर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
कांग्रेस लंबे समय से फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत की पारंपरिक नीति का समर्थन करती रही है और हालिया बयान उसी नीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा विदेश नीति के कारण भारत अपने कुछ पुराने और महत्वपूर्ण साझेदारों से दूर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि फिलिस्तीन, ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों के साथ भारत के पारंपरिक संबंधों पर असर पड़ा है।
खरगे ने यह भी कहा कि गाजा संकट पर सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने विदेश नीति में संतुलन और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता दोहराई।
राजनीतिक बहस के बीच सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
विदेश नीति और पश्चिम एशिया के मुद्दे पर कांग्रेस के ताजा बयानों ने राजनीतिक बहस को नई दिशा दे दी है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों और टिप्पणियों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत की विदेश नीति लंबे समय से राष्ट्रीय हित, रणनीतिक संतुलन और बहुपक्षीय संबंधों पर आधारित रही है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों और सरकार के संभावित जवाब पर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और तेज होने की संभावना है।