
Report By: Kiran Prakash Singh
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार, मुआवजा घोटाले और मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।
Date: 27 June 2026
Website: digitallivenews.com
ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को लेकर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तीखा हो गया है। इसी क्रम में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान बने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने एक्सप्रेसवे के रूट, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। फिलहाल इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर राजभर का तीखा हमला
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के उदाहरण देखने हों तो लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई और जल्दबाजी में परियोजना पूरी की गई, जिससे बाद में सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठे।
राजभर ने यह भी दावा किया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़े फैसलों में कुछ लोगों को निजी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर लगाए आरोप
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के लिए पहले कम कीमत पर जमीनें खरीदी गईं और बाद में परियोजना का रूट बदला गया। उन्होंने दावा किया कि रिकॉर्ड में बदलाव कर कुछ जमीनों को आवासीय श्रेणी में दिखाया गया, जिससे मुआवजे की राशि बढ़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि कई रजिस्ट्रियां एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद हुईं और उसके बाद संबंधित लोगों को भारी आर्थिक लाभ मिला।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।
एक्सप्रेसवे के रूट और लंबाई पर भी सवाल
राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि निजी हितों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे का रूट बदला गया, जिससे इसकी लंबाई बढ़ गई। उनका कहना है कि इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय, ईंधन और धन की अधिक खपत होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस परियोजना में कुछ प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्णय लिए गए।
इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई नया आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन कहा कि उनके पास इस विषय से जुड़ी जानकारी मौजूद है।
सैफई परिवार पर भी लगाए गंभीर आरोप
अपने बयान में राजभर ने सैफई परिवार का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े निर्णयों में कुछ खास लोगों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे निर्माण और मुआवजे की प्रक्रिया में जनता के धन का दुरुपयोग हुआ। साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके पास इस संबंध में एक विस्तृत “डोजियर” है, जिसे उचित समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।
इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या संबंधित नेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चुनावी माहौल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के करीब आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। एक ओर सत्तापक्ष पिछली सरकारों के कार्यकाल को मुद्दा बना रहा है, वहीं विपक्ष वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यों पर सवाल उठा रहा है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को लेकर ओम प्रकाश राजभर के ताजा आरोपों ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। हालांकि इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि किसी न्यायिक या जांच एजेंसी द्वारा नहीं हुई है। ऐसे में इस पूरे विवाद पर सभी की निगाहें अब समाजवादी पार्टी की संभावित प्रतिक्रिया और भविष्य में सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।