
Report By: Kiran Praaksh Singh
सहारनपुर की नकुड़ सीट पर 2022 में बीजेपी सिर्फ 315 वोटों से जीती थी। SIR के बाद 24,901 वोटर घटे हैं। 2027 चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
नकुड़ सीट पर 315 वोट से जीती थी BJP, क्या SIR बदलेगा 2027 का समीकरण?
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सभी दल चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यह सीट महज 315 वोटों के बेहद मामूली अंतर से जीती थी। अब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव ने इस सीट के चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है।
SIR के बाद घटे करीब 25 हजार मतदाता
नकुड़ विधानसभा में SIR से पहले कुल 3,60,523 मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर 3,35,622 रह गई। यानी कुल 24,901 मतदाता कम हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर मतदाता सूची में बदलाव का असर 2027 विधानसभा चुनाव के परिणाम पर पड़ सकता है।
हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस बदलाव से किस दल को सबसे अधिक फायदा या नुकसान होगा। यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि हटे हुए मतदाता किन वर्गों और क्षेत्रों से जुड़े थे।
2022 में कांटे की टक्कर
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मुकेश चौधरी को मैदान में उतारा था, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने बीजेपी छोड़कर आए धर्म सिंह सैनी को टिकट दिया था। चुनाव बेहद रोमांचक रहा और अंतिम दौर तक मुकाबला बराबरी का बना रहा।
चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे—
- BJP: 1,04,114 वोट
- सपा: 1,03,799 वोट
- बसपा: 55,112 वोट
- AIMIM: 3,593 वोट
- कांग्रेस: 1,354 वोट
बीजेपी ने केवल 315 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जिससे यह सीट प्रदेश की सबसे करीबी मुकाबले वाली सीटों में शामिल हो गई।
2024 लोकसभा चुनाव ने बदले संकेत
यदि 2024 लोकसभा चुनाव के विधानसभावार आंकड़ों को देखा जाए तो नकुड़ सीट पर तस्वीर बदली हुई नजर आती है।
- सपा-कांग्रेस गठबंधन: 1,26,320 वोट
- BJP-RLD गठबंधन: 92,529 वोट
- बसपा: 31,016 वोट
इन आंकड़ों के अनुसार सपा-कांग्रेस गठबंधन को बीजेपी गठबंधन पर 33,791 वोटों की बढ़त मिली। इससे यह संकेत मिलता है कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने इस सीट पर मजबूत प्रदर्शन किया।
हालांकि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के मुद्दे अलग-अलग होते हैं, इसलिए इन आंकड़ों को सीधे 2027 के परिणाम का आधार नहीं माना जा सकता।
जातीय समीकरण बनेंगे जीत की कुंजी
नकुड़ विधानसभा का चुनावी गणित काफी हद तक जातीय और सामाजिक समीकरणों पर आधारित माना जाता है।
अनुमानित मतदाता वर्ग इस प्रकार हैं—
- मुस्लिम: 1.18 लाख
- SC: 60 हजार
- गुर्जर: 40 हजार
- सैनी: 35 हजार
- कश्यप: 22 हजार
- जाट: 11 हजार
- ब्राह्मण: 10 हजार
- क्षत्रिय: 9 हजार
- वैश्य: 8 हजार
- पाल-प्रजापति: 8 हजार
- पांचाल: 7 हजार
विशेषज्ञों का मानना है कि मुस्लिम, SC और OBC मतदाता इस सीट पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वहीं गुर्जर समाज भी बीजेपी का परंपरागत समर्थन आधार माना जाता है।
सपा और BJP दोनों के सामने चुनौती
धर्म सिंह सैनी के दोबारा BJP में लौटने के बाद सपा के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह इस बार किस चेहरे पर दांव लगाएगी। दूसरी ओर बीजेपी के सामने चुनौती यह होगी कि वह 2022 की बेहद मामूली जीत को दोहराने के लिए अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि SC और OBC वोटों का झुकाव किसी एक दल की ओर स्पष्ट हुआ तो चुनाव का परिणाम उसी दिशा में जा सकता है।
2027 में क्या होगा?
नकुड़ विधानसभा सीट पर SIR, बदले हुए राजनीतिक गठबंधन, जातीय समीकरण और उम्मीदवारों का चयन—ये सभी कारक चुनाव परिणाम को प्रभावित करेंगे। 2022 की 315 वोटों की जीत और 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की बड़ी बढ़त यह दिखाती है कि यह सीट आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल और रोमांचक सीटों में से एक रहने वाली है।
👉 चुनावी विश्लेषण और यूपी की हर विधानसभा सीट की खबरों के लिए जुड़े रहें।
🌐 digitallivenews.com
📅 07 अगस्त 2026