अली खामेनेई को अंतिम विदाई, 14 माह की पोती का भी ताबूत साथ

Report By: Kiran Prakash Singh

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हजारों लोग पहुंचे। उनके साथ 14 महीने की पोती का ताबूत भी रखा गया, जिसने सभी को भावुक कर दिया।

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दिनांक: 04 जुलाई 2026

अली खामेनेई को अंतिम विदाई, 14 महीने की पोती का भी ताबूत साथ

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार को तेहरान में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और उसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी रखी गई थी। इस भावुक समारोह की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब उनके ताबूत के पास उनकी 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा ताबूत भी रखा गया।


14 महीने की पोती का ताबूत देख भावुक हुए लोग

अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की नजरें उस छोटे ताबूत पर भी टिकी रहीं, जिसमें जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी को अंतिम विदाई दी जा रही थी। जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु 28 फरवरी 2026 को उस दौरान हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल के साथ हुए संघर्ष में परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। उनके ताबूत के पास उनकी तस्वीर भी रखी गई थी, जिसने समारोह का माहौल और अधिक भावुक बना दिया।


तेहरान में उमड़ा जनसैलाब

खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए तेहरान के ग्रैंड मोसाला के बाहर शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे थे। जैसे ही आम लोगों के लिए प्रवेश द्वार खोला गया, हजारों लोग परिसर में पहुंच गए। कुछ ही समय में पूरा मैदान श्रद्धांजलि देने वालों से भर गया। लोगों ने अपने नेता को अंतिम विदाई देते हुए भावुक नारे लगाए और कई लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।


6 दिनों तक चलेगा अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम

खामेनेई के पार्थिव शरीर को केवल तेहरान तक सीमित नहीं रखा जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार, उनका शव 6 दिनों तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। इससे देशभर के नागरिक और समर्थकों को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।


अंतिम यात्रा का पूरा कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई तक खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान में रखा जाएगा। इसके बाद शहर में एक विशाल अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। 7 जुलाई को उनका शव कोम के धार्मिक केंद्र ले जाया जाएगा। 8 जुलाई को अंतिम दर्शन के लिए इराक के पवित्र शहरों में ले जाया जाएगा। अंत में 9 जुलाई 2026 को मशहद में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


लाल बैनरों और नारों के बीच दी गई श्रद्धांजलि

समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, अंतिम संस्कार में शामिल कई लोगों के हाथों में लाल रंग के बैनर थे, जिन्हें बदले के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। भीड़ ने “अमेरिका की मौत” और “बदला, बदला” जैसे नारे भी लगाए। पूरे समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और बड़ी संख्या में समर्थकों ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी। खामेनेई की अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ईरान के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण क्षण बन गई। वहीं, उनकी 14 महीने की पोती का ताबूत साथ होने से यह अंतिम विदाई और भी अधिक भावुक और चर्चित बन गई।

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