
Report By: Kiran Prakash Singh
वाराणसी में आधुनिक हॉकी टर्फ शुरू होने से खिलाड़ियों को नई सुविधा मिली है। ओलंपियन ललित उपाध्याय युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देंगे।
वाराणसी में हॉकी खिलाड़ियों को मिली नई उड़ान, आधुनिक टर्फ का शुभारंभ
उत्तर प्रदेश के Varanasi में अब अध्यात्म और शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी नई पहचान मिल रही है। वाराणसी जनपद को आधुनिक तकनीक से निर्मित नई हॉकी टर्फ की सौगात मिली है, जिससे न केवल जिले बल्कि पूरे पूर्वांचल के खिलाड़ियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
यह नई सुविधा यूपी कॉलेज परिसर में तैयार की गई है, जहां अब युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगे। खास बात यह है कि भारतीय हॉकी टीम के स्टार और ओलंपियन Lalit Upadhyay खुद खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे।
खेल प्रेमियों का मानना है कि यह टर्फ पूर्वांचल में हॉकी के भविष्य को नई दिशा देने का काम करेगी।
मिट्टी के मैदान से आधुनिक टर्फ तक का सफर
वाराणसी में लंबे समय तक खिलाड़ी मिट्टी के मैदान पर ही अभ्यास करने को मजबूर थे। संसाधनों की कमी के कारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी बेहतर तैयारी नहीं कर पाते थे।
अब आधुनिक हॉकी टर्फ बनने के बाद खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। नई पिच पर खिलाड़ी तेज रफ्तार और तकनीकी खेल का अभ्यास कर सकेंगे, जिससे उनके प्रदर्शन में सुधार आने की उम्मीद है।
ओलंपियन ललित उपाध्याय ने भी इस बदलाव को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यही वह जगह है जहां कभी वे खुद मिट्टी के मैदान पर अभ्यास किया करते थे, लेकिन अब नई पीढ़ी को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे ललित उपाध्याय
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी खिलाड़ी और दो बार ओलंपिक पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे ललित उपाध्याय अब वाराणसी के युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और मार्गदर्शन देंगे।
उन्होंने कहा कि यह टर्फ केवल एक खेल मैदान नहीं बल्कि आने वाले समय के खिलाड़ियों के लिए “सुनहरा अवसर” है।
ललित उपाध्याय ने प्रधानमंत्री Narendra Modi, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं देना भविष्य में देश को बेहतर खिलाड़ी देने की दिशा में बड़ा कदम है।
पूर्वांचल के खिलाड़ियों में उत्साह
नई हॉकी टर्फ शुरू होने के बाद सिर्फ वाराणसी ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। आसपास के जिलों से भी युवा खिलाड़ी यहां अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि अब उन्हें बड़े शहरों में जाकर अभ्यास करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय स्तर पर ही उन्हें बेहतर सुविधाएं और अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन मिल सकेगा।
कोचिंग की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है ताकि खिलाड़ियों को तकनीकी और फिटनेस दोनों स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।
खेलों के हब के रूप में उभर रहा वाराणसी
वाराणसी तेजी से खेल सुविधाओं के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। एक तरफ गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण अंतिम चरण में है, वहीं दूसरी तरफ हॉकी के लिए आधुनिक टर्फ की शुरुआत ने शहर को नई पहचान दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से युवाओं को नई दिशा मिलेगी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाएं सामने आएंगी।
यह पहल युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करने और उन्हें बेहतर अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भविष्य के खिलाड़ियों की बनेगी नर्सरी
नई हॉकी टर्फ को भविष्य के खिलाड़ियों की “नर्सरी” माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण मिलने पर पूर्वांचल से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं।
खिलाड़ियों और अभिभावकों को उम्मीद है कि यह पहल आने वाले वर्षों में भारतीय हॉकी को मजबूत करेगी और वाराणसी खेल मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा।