
Report By: Kiran Prakash Singh
WHO ने Hantavirus को लेकर अलर्ट जारी किया। अब तक 5 मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क।
Hantavirus को लेकर WHO अलर्ट, 5 मामलों में 3 लोगों की मौत
नई दिल्ली | 09 मई 2026 | digitallivenews.com
World Health Organization यानी WHO ने दुर्लभ लेकिन खतरनाक Hantavirus Infection को लेकर वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। WHO के मुताबिक अब तक 5 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य एजेंसियां इस वायरस को लेकर लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
WHO के अनुसार यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृन्तकों (rodents) के संपर्क में आने से फैलता है। हाल ही में सामने आए मामलों के बाद कई देशों में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
क्या है Hantavirus Infection?
Hantavirus Infection एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित कृन्तकों की लार, पेशाब या मल के संपर्क से इंसानों तक पहुंच सकती है। यह वायरस शरीर में पहुंचने के बाद फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
WHO के मुताबिक अमेरिका महाद्वीप में यह वायरस Hantavirus Cardiopulmonary Syndrome (HCPS) का कारण बन सकता है, जो बेहद खतरनाक माना जाता है। वहीं यूरोप और एशिया में यह किडनी से जुड़ी बीमारी पैदा कर सकता है।
5 मामलों में 3 मौतों से बढ़ी चिंता
WHO ने हाल ही में जानकारी दी कि सामने आए मामलों में से कई एक क्रूज शिप से जुड़े हुए हैं। अब तक 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 3 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि वायरस का यह मामला सीमित है, लेकिन निगरानी बेहद जरूरी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ और संदिग्ध मामलों की भी जांच चल रही है। WHO ने कहा है कि वायरस के लंबे incubation period की वजह से आगे और मामले सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कैसे फैलता है यह वायरस?
विशेषज्ञों के मुताबिक Hantavirus आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार से फैलता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जगहों पर जाता है जहां संक्रमित कृन्तक मौजूद हों, तो वायरस हवा के जरिए शरीर में पहुंच सकता है।
कुछ मामलों में Andes strain नाम का Hantavirus इंसानों के बीच भी सीमित रूप से फैलने की क्षमता रखता है। हालांकि WHO ने फिलहाल आम लोगों के लिए खतरे को कम बताया है।
क्या हैं इसके लक्षण?
इस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ शामिल है। गंभीर स्थिति में मरीज को फेफड़ों और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है।
WHO ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और चूहों से दूरी रखने की सलाह दी है। विशेष रूप से बंद और गंदी जगहों की सफाई करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।