‘बैटिंग का तमाशा बन गया IPL’, बोले हर्ष गोयनका

Report By: Kiran Prakash Singh

हर्ष गोयनका ने IPL 2026 की गिरती व्यूअरशिप पर सवाल उठाते हुए कहा कि टूर्नामेंट क्रिकेट नहीं, सिर्फ बैटिंग का तमाशा बन गया है।

‘क्रिकेट नहीं, तमाशा बन गया IPL’, हर्ष गोयनका के बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली | 09 मई 2026 | digitallivenews.com

हर्ष गोयनका ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। मशहूर उद्योगपति और लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका के भाई हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर IPL की गिरती टीवी व्यूअरशिप को लेकर सवाल उठाए और BCCI को कई सुझाव भी दिए।

उन्होंने दावा किया कि इस बार आईपीएल की टीवी व्यूअरशिप में करीब 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। साथ ही कहा कि टूर्नामेंट अब क्रिकेट प्रतियोगिता कम और “सिर्फ बैटिंग का तमाशा” ज्यादा बनता जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।

IPL 2026 को लेकर उठे सवाल

हर्ष गोयनका ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि IPL में अब संतुलन खत्म होता जा रहा है। उनका कहना था कि हर मैच में बड़े स्कोर और चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिल रही है, जिससे खेल की वास्तविक प्रतिस्पर्धा कम हो रही है।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट का असली रोमांच तभी होता है, जब मुकाबले में अनिश्चितता और संतुलन हो। सिर्फ 225 बनाम 225 के स्कोर वाले मैच लंबे समय तक दर्शकों को आकर्षित नहीं कर सकते।

‘बैटिंग का तमाशा बन गया टूर्नामेंट’

गोयनका ने साफ शब्दों में कहा कि IPL अब गेंदबाजों के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है। बल्लेबाजों के पक्ष में नियम और सपाट पिचें मैचों को एकतरफा बना रही हैं।

उन्होंने BCCI से अपील की कि टूर्नामेंट को संतुलित बनाने के लिए ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे गेंदबाजों की भूमिका भी मजबूत हो सके। उनका यह बयान क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

BCCI को दिए कई बड़े सुझाव

हर्ष गोयनका ने IPL को और रोमांचक बनाने के लिए कुछ अहम सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि:

  • पिचों को संतुलित बनाया जाए ताकि गेंदबाजों को भी मदद मिले
  • इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर दोबारा विचार किया जाए
  • फ्रेंचाइजी और फैंस के बीच ज्यादा सहभागिता बढ़ाई जाए
  • स्टेडियम में बैठने, खाने और शौचालय जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जाए

उनका मानना है कि सिर्फ बड़े स्कोर से नहीं, बल्कि संतुलित मुकाबलों से क्रिकेट का रोमांच बढ़ता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

गोयनका के बयान के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि IPL में अब गेंदबाजों की भूमिका कम होती जा रही है और हर मैच एक जैसा लगने लगा है।

वहीं कई फैंस का मानना है कि हाई-स्कोरिंग मैच ही IPL की सबसे बड़ी पहचान हैं और यही दर्शकों को आकर्षित करते हैं। इस बयान के बाद #IPL2026 और #HarshGoenka सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।

क्या IPL में होंगे बड़े बदलाव?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड IPL के फॉर्मेट और नियमों में बदलाव पर विचार करेगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर व्यूअरशिप में गिरावट लगातार जारी रहती है, तो बोर्ड को कुछ अहम फैसले लेने पड़ सकते हैं।

बताते चलें कि IPL की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी और इस समय टूर्नामेंट का 19वां सीजन खेला जा रहा है। आने वाले समय में BCCI इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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