
Report By: Kiran Prakash Singh
शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। अब चर्चा तेज है कि वह कौन-सी सीट अपने पास रखेंगे।
भवानीपुर या नंदीग्राम? शुभेंदु के सामने बड़ा फैसला
दो सीटों से जीतकर बने बंगाल राजनीति के सबसे बड़े चेहरे
Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय सबसे चर्चित नाम बन चुके हैं। बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उन्होंने इस चुनाव में दो सीटों — Bhowanipore और Nandigram — से चुनाव लड़ा और दोनों जगह शानदार जीत दर्ज की।
भवानीपुर में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया, जबकि नंदीग्राम में टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर को शिकस्त दी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुभेंदु आखिर कौन-सी सीट अपने पास रखेंगे।
नंदीग्राम में फिर साबित हुआ शुभेंदु का दबदबा
नंदीग्राम सीट को बंगाल की राजनीति का केंद्र माना जाता है। 2021 में इसी सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। इस बार भी उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत साबित करते हुए करीब 9 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी को 1,27,301 वोट मिले, जबकि टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर को 1,17,636 वोट प्राप्त हुए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नंदीग्राम में लगातार दूसरी जीत ने शुभेंदु को राज्य की राजनीति में और मजबूत बना दिया है।
भवानीपुर में ममता को बड़ी शिकस्त
Bhowanipore लंबे समय से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम हारने के बाद इसी सीट से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा था। लेकिन इस बार शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में भी बड़ा उलटफेर कर दिया।
उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। यह दूसरी बार है जब ममता को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भवानीपुर की जीत सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का बड़ा प्रतीक बन गई है।
सीएम पद की रेस में सबसे आगे शुभेंदु
बीजेपी की जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदर और राजनीतिक गलियारों में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। बंगाल में बीजेपी को मजबूत करने और टीएमसी के गढ़ में सेंध लगाने का श्रेय काफी हद तक शुभेंदु को दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत ने शुभेंदु की राजनीतिक ताकत को और बढ़ा दिया है। खास बात यह भी है कि उन्होंने बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों पर जीत दर्ज कर खुद को राज्य स्तर का बड़ा नेता साबित किया है।
कौन-सी सीट छोड़ सकते हैं शुभेंदु?
अब सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि शुभेंदु अधिकारी आखिर कौन-सी सीट छोड़ेंगे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक संभावना ज्यादा है कि वह नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रख सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि उन्होंने ममता बनर्जी को उनके सबसे मजबूत गढ़ में हराया है।
हालांकि अभी तक शुभेंदु अधिकारी या बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अंतिम फैसला वही करेंगे कि बंगाल की राजनीति में आगे उनका राजनीतिक केंद्र नंदीग्राम रहेगा या भवानीपुर।
बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह चुनाव परिणाम एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। टीएमसी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में बीजेपी की जीत ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल दी है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री पद और शुभेंदु अधिकारी के अगले फैसले पर टिकी हुई है।