
Report By: Kiran Prakash Singh
मुरादाबाद में MDA को बड़ी सफलता, हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण को बताया वैध। करोड़ों की जमीन पर अब प्राधिकरण का कब्जा होगा।
मुरादाबाद में MDA की बड़ी जीत, करोड़ों की जमीन पर कब्जा तय
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दिया बड़ा फैसला
मुरादाबाद से एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी खबर सामने आई है, जहां लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली रोड स्थित मंगूपुरा क्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने साफ कहा कि यह अधिग्रहण पूरी तरह विधिक प्रक्रिया के तहत और जनहित में किया गया है, इसलिए इसे रद्द करने का कोई आधार नहीं है। इस फैसले के बाद अब प्राधिकरण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
25 साल पुराने मामले में आया अहम मोड़
यह मामला वर्ष 2000 से लगातार चला आ रहा था, जिसमें जमीन के स्वामित्व और अधिग्रहण को लेकर कई स्तरों पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं।
हालांकि, समय-समय पर शासन और बोर्ड स्तर पर भी इन आपत्तियों को खारिज किया जा चुका था। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से मजबूत थी।
नया मुरादाबाद योजना को मिलेगा बड़ा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा असर MDA की महत्वाकांक्षी ‘नया मुरादाबाद’ आवासीय योजना पर पड़ेगा। करीब 175 हेक्टेयर में फैली इस योजना के तहत गाटा संख्या 498 और 499 की जमीन अब पूरी तरह प्राधिकरण के कब्जे में आ जाएगी।
इससे क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई गति मिलेगी और हजारों लोगों को बेहतर आवास सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्राधिकरण का दावा: सभी आपत्तियां पहले ही खारिज
MDA सचिव पंकज वर्मा के अनुसार, इस मामले में पहले ही शासन और बोर्ड स्तर पर सभी आपत्तियों को खारिज किया जा चुका था।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने हर कदम पर कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और अब कोर्ट के फैसले ने इस बात पर मुहर लगा दी है। इससे भविष्य में ऐसे मामलों में प्रशासन को मजबूती मिलेगी।
मदरसे की जमीन पर अब हटेगा कब्जा
इस फैसले के बाद उस जमीन पर स्थित मदरसे का कब्जा हटाया जाएगा और पूरी जमीन MDA के नियंत्रण में आ जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर के विकास और जनहित के लिए जरूरी है। हालांकि, इस फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के लिए बड़ी कानूनी जीत साबित हुआ है। अब ‘नया मुरादाबाद’ योजना को तेज गति मिलने की उम्मीद है और शहर के विकास में यह निर्णय अहम भूमिका निभा सकता है।