
Report By: Kiran Prakash Singh
हैदराबाद में महिला पुलिस कमिश्नर ने अंडरकवर ऑपरेशन कर महिलाओं की सुरक्षा जांची। 40 से ज्यादा मनचलों को पुलिस ने पकड़ा।
महिला सुरक्षा जांचने उतरीं पुलिस कमिश्नर, 40 मनचले पकड़े गए
अंडरकवर ऑपरेशन ने खोली सड़कों की हकीकत
Hyderabad में महिलाओं की सुरक्षा को परखने के लिए एक महिला पुलिस कमिश्नर ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी अब हर तरफ चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि तेलंगाना पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी ने आम महिला बनकर आधी रात को सड़क पर अकेले खड़े होकर सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जांची। यह पूरा ऑपरेशन दिलसुखनगर बस स्टॉप इलाके में किया गया, जहां रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
रात 12:30 से 3:30 बजे तक चली जांच
जानकारी के मुताबिक महिला अधिकारी रात करीब 12:30 बजे आम कपड़ों में बस स्टॉप पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक अकेली खड़ी रहीं। इस दौरान उन्होंने किसी पुलिस सुरक्षा का खुला इस्तेमाल नहीं किया ताकि हालात की असली तस्वीर सामने आ सके। लेकिन कुछ ही देर में कई युवक उनके आसपास मंडराने लगे। किसी ने बातचीत करने की कोशिश की, तो कुछ लोग अश्लील टिप्पणियां करने लगे।
40 से ज्यादा लोगों ने की छेड़खानी की कोशिश
ऑपरेशन के दौरान करीब 40 लोग महिला अधिकारी के पास पहुंचे और गलत तरीके से बातचीत या छेड़खानी करने की कोशिश की। कुछ लोग बाइक और कारों से आए थे, जबकि कई युवक नशे की हालत में बताए गए। किसी ने जबरदस्ती दोस्ती करने की कोशिश की, तो कुछ ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उन लोगों को अंदाजा तक नहीं था कि जिससे वे बदसलूकी कर रहे हैं, वह खुद पुलिस कमिश्नर हैं।
सादे कपड़ों में मौजूद थी पुलिस टीम
महिला अधिकारी की सुरक्षा और ऑपरेशन की निगरानी के लिए थोड़ी दूरी पर सादे कपड़ों में पुलिस टीम तैनात थी। जैसे ही कुछ लोगों की हरकतें ज्यादा बढ़ीं, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। इस दौरान कई युवकों से पूछताछ भी की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझने के लिए किया गया था।
काउंसलिंग और चेतावनी का रास्ता अपनाया
खबरों के मुताबिक पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों पर तुरंत कठोर केस दर्ज करने के बजाय पहले उनकी काउंसलिंग करवाई। उन्हें महिलाओं के सम्मान, सार्वजनिक व्यवहार और कानून के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। पुलिस का मानना है कि सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच बदलना भी जरूरी है।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर मंचों से यह दावा किया जाता है कि महिलाएं रात में भी पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार अलग नजर आती है। सोशल मीडिया पर लोग इस महिला अधिकारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर अधिकारी खुद मैदान में उतरकर हालात समझें, तो व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है। लोगों का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि ऐसे ठोस कदमों से मजबूत होगी।